पाकुड़: जिले भर के सभी प्रखंडों में महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। अमड़ापाड़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित बाबा घाघेश्वरनाथ मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगीं। भक्तों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर...

पाकुड़: जिले भर के सभी प्रखंडों में महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। अमड़ापाड़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित बाबा घाघेश्वरनाथ मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगीं। भक्तों ने शि...

आलेखः रमेश सर्राफ धमोरा किसान राष्ट्र की जीवनधारा और ‘अन्नदाता’ के रूप में सम्मानित भारत की समृद्धि की नींव हैं। उनका अथक परिश्रम देश का पेट भरता हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कायम रखता है और हर घर की ताकत सुनिश्चित करत...

ठंड अपनी अंतिम पढ़ाव पर है। गर्मी दस्तक दे रही है। गर्मियों के आने के साथ-साथ जिसकी माँग सबसे चरम पर होती है वो है बर्फ।  फिर चाहे शर्बत का गिलास हो, नींबू पानी का या जाम का। आज भले वैश्वीकरण के दौर मे फ्रिज शहर गाँव के घर घर मे पह...

बाबूलाल मुर्मू आदिवासी : देवनागरी लिपि के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार तक ठुकरा दिया, उनकी 70वें जयंती पर विशेष जन्म : 12 जनवरी, 1939 निधन : 4 फरवरी, 2009 लेखक :डॉ. आर.के नीरद झारखण्ड देखो : बाबूलाल मुर्मू ‘आदिवासी’ संताली के ऐसे स...

झारखंड देखो डेस्क : इतिहासकार डॉ दिनेश नारायण वर्मा ने संताली के यशस्वी साहित्यकार बाबूलाल मुर्मू “आदिवासी” की जन्म तिथि 12 जनवरी(1939) के अवसर पर उनकी बेजोड़ साहित्य साधना की विवेचना की और इसकी अनुपम खूबियों को बताते ...

लेखक:डॉ विनोद कुमार शर्मा असिस्टेंट प्रोफेसर निदेशक मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र, मनोविज्ञान विभाग, सिदो कान्हू मुर्मू विवि, दुमका। झारखण्ड देखो डेस्क : यह बात कहना जितना ही दुःखद व निंदनीय है उससे कहीं ज्यादा चिंतनीय विषय भी ह...