झारखण्ड देखो डेस्क रांची: क्या झारखंड में होने वाले उपचुनाव में वंशवाद हावी रहेगा। क्या सचमुच दुमका और बेरमो सीट पर हेमंत सोरेन और राजेन्द्र सिंह के परिवार के सदस्य ही किस्मत आजमाएंगे? राजनीतिक गलियार...
दुमका: सीएसपी केंद्र को लूट का निशाना बना रहे शातिर एक अपराधी बुधवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया.गिरफ्तार अपराधी रामगढ़ थाना क्षेत्र के बड़ी रणबहियार गांव निवासी इंगलिश हेम्ब्रम है। वहीं एक अन्य अपराधी पुल...
दुमका :झारखण्ड सरकार के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख की अध्यक्षता में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की बैठक की गई। कृषि मंत्री द्वारा जिले में कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की अद्यतन स्थिति के बारे...
आदिवासी छात्रों ने किया सिदो – कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने का विरोध दुमका :झारखण्ड की उपराजधानी दुमका में हूल दिवस के मोके पर एसपी काॅलेज के आदिवासी छात्रों ने पोखरा चौक स्थित सिदो R...
दुमका :उपराजधानी दुमका में भाजपा ने हूल दिवस के मौके पर ही सिदो कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण नहीं किया. इस अवसर पर पार्टी के एक शिष्टमंडल ने राज्यपाल के नाम उपायुक्त कार्यालय को एक ज्ञापन सौंपा. इस...
दुमका : हूल दिवस के मोके पर झामुमो ओर कांग्रेस ने मिल कर किया सिदो कान्हू के प्रतिमा पर माल्यार्पण । झारखण्ड सरकार के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने दुमका पोखरा चौक स्थित सिदो – कान्हू के प्रतिमा प...
डॉ दिनेश नारायण वर्मा ,इतिहासकार झारखण्ड देखो डेस्क :संताल विद्रोह 1855-1856 के विभिन्न पहलुओं पर अधिकारिक रूप से लेखन कार्य करने के लिए प्रख्यात इतिहासकार डा.दिनेश नारायण वर्मा ने कहा कि साम्राज्यवाद...
लेखक:डॉ विनोद कुमार शर्मा असिस्टेंट प्रोफेसर, निदेशक मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र, मनोविज्ञान विभाग एस पी कॉलेज, दुमका, झारखंड। झारखण्ड देखो डेस्क :30 जून को संताल परगना के इतिहास में ‘हुल दि...
लेखक :डॉ दिनेश नारायण वर्मा,इतिहासकार झारखण्ड देखो डेस्क :औपनिवेशिक भारत (1757-1947) में विदेशी शासक और उनकी सत्ता के खिलाफ 19वीं शताब्दी का संताल विद्रोह 1855-1856 जनजातियों,दलितों और पिछड़ों की आजादी...
डा.दिनेश नारायण वर्मा,इतिहासकार झारखण्ड देखो डेस्क :शोषण,दमन और उत्पीड़न के गर्भ से प्रस्फुटित संताल विद्रोह 1855-1856 विश्व के सबसे बड़े साम्राज्यवाद को सबसे बड़ी चुनौती थी। 19वीं शताब्दी में किसी भी ...








