दुमका जिला अधिवक्ता संघ के तत्वावधान में संघ के सभागार में उपराजधानी दुमका में उच्च न्यायालय का खंडपीठ निर्माण विषय पर परिचर्चा हुई। इसमें संतालपरगना के विभिन्न जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी व सभी वर्ग के प्रबुद्ध लोग शामिल हुए। झारखंड बार कौंसिल के सदस्य गोपेश्वर झा, दुमका जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विजय कुमार ¨सह,उपाध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद,महासचिव राघवेंद्र नाथ पांडेय, जामताड़ा जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष गणेश चौधरी, और महासचिव अनिल महतो और साहिबगंज जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव विजय कर्ण ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर परिचर्चा की विधिवत शुरुआत की।
विजय कुमार की अध्यक्षता में हुई परिचर्चा में अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों और सभी वर्ग के प्रतिनिधियों ने एक स्वर से बिहार पुनर्गठन विधयेक 2000 की धारा 23 (3) में किये गये प्रावधान के आलोक में उपराजधानी व संतालपरगना के प्रमंडलीय मुख्यालय दुमका में उच्च न्यायालय का खंडपीठ स्थापित करने की मांग को हर समय और हर स्तर पर समर्थन देने के प्रति संकल्प व्यक्त किया। झारखंड राज्य बार कौंसिंल के सदस्य वरीय अधिवक्ता गोपेश्वर प्रसाद झा ने दुमका सहित संतालपरगना के विभिन्न जिले से पहुंचें संघ पदाधिकारियों व विभिन्न वर्ग के प्रबुद्ध नागरिकों का स्वागत करते हुए उच्च न्यायालय का खंडपीठ स्थापित करने की दिशा में अब तक विभिन्न स्तर पर किए गए प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला और वर्षो पुरानी इस मांग को मंजिल तक पहुंचाने के लिए सभी वर्ग के लोगों से सहयोग करने की अपील की। गणेश चौधरी ने 2000 में झारखंड निर्माण के प्रारूप में उच्च न्यायालय का खंडपीठ स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। बिहार के जमाने संतालपरगना का इलाका उपेक्षित और पिछड़ा रहा है। राज्य बनने के बाद ही यह इलाका उपेक्षित है। कहा कि संतालपरगना का प्रमंडलीय मुख्यालय और उपराजधानी दुमका सभी अर्हताओं को पूरा करता है। इसलिए उच्च न्यायालय का खंडपीठ दुमका में अविलम्ब स्थापित किया जाना चाहिए। साहिबगंज जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर सभी जिलों में न्याय आपके द्वारा कार्यक्रम चलाया जा रहा है,लेकिन संतालपरगना के लोगों को उच्च न्यायालय का खंडपीठ नहीं रहने की वजह से सुलभ और त्वरित न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने अधिवक्ताओं के साथ सभी वर्गों के साथ मिलकर व्यापक अभियान चलाने पर जोर देते हुए कहा कि इस मांग पर साहेबगंज जिले का भरपूर समर्थन मिलेगा। परिचर्चा में सिदो-कान्हु मुर्मू विश्व विद्यालय के इतिहास विभाग के प्राध्यापक और एसपी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ.सुरेंद्र झा ने कहा कि झारखंड बनने के बाद भी संतालपरगना को छोटानागपुर का उपनिवेश बनाकर रखा गया है। संतालपरगना का हक मारा जा रहा है। कहा कि इसे जनांदोलन का रूप देना होगा और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती दो अक्टूबर को ही सरकार को दुमका में उच्च न्यायालय के खंडपीठ शुरू करने को विवश होना पड़े।
अधिवक्ता विद्यापति झा द्वारा संचालित परिचर्चा में पूर्व विधायक कमला कांत प्रसाद सिन्हा,जैक के ओएसडी प्रो.मदनेश्वर नारायण चौधरी, जैक सदस्य अजय कुमार गुप्ता, एसपी कॉलेज के प्रार्चाय डॉ.जे.दास, पूर्व प्राचार्य डॉ.बीके.मिश्रा, डॉ.धनंजय मिश्रा, एसपी महिला कॉलेज के प्राध्यापक डॉ. हनीफ, वरीय पत्रकार सुमन सिंह, डॉ.नयन कुमार राय, राजकुमार उपाध्याय, झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रमंडलीय अध्यक्ष श्याम किशोर सिंह गांधी, अग्रेरेरियन असिस्टेंस के सचिव सत्येन्द्र सिंह, मानवी की सचिव अन्नू, मानवा कल्याण के सचिव मिथिलेश कुमार झा, माकपा के एहतेशाम अहमद, झामुमो के जिलाध्यक्ष सुभाष सिंह, झाविमो के जिलाध्यक्ष धर्मेद्र सिंह विट्टु, राजद के गौरव कांत मिश्रा, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मो.शरीफ, पूर्व अध्यक्ष सियाराम घिड़िया सहित कई प्रबुद्ध लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए और दुमका में उच्च न्यायालय का खंडपीठ स्थापित करने की मांग को जनांदोलन का रूप देने और इस मांग के समर्थन को लेकर आम लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया। दुमका जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव राघवेंद्र नाथ पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन किया और इस मसले पर सभी वर्ग के लोगों को गोलबंद करने की दिशा में किये गये प्रयास को सफल बताया और कहा कि दुमका जिला अधिवक्ता संघ के तत्वावधान में आयोजित यह परिचर्चा आनेवाले समय में मील का पत्थर साबित होगा। परिचर्चा में काफी तादाद में अधिवक्ता भी मौजूद थे।








