दुमका
झारखण्ड बंद में हुए आगजनी और बंद समर्थोकों के उत्पात के बाद सोमवार की सुवह दुमका पुलिस और आरएएफ की संयुक्त छापेमारी में एसपी कॉलेज के आदिवासी छात्रावासों से भारी मात्रा में हथियार और कई तरह के आपतिजनक समान बरामद किये गए.छापेमारी का नेतृत्व दुमका के एसपी प्रभात कुमार और डीसी राहुल कुमार सिन्हा कर रहे थे.
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छापेमारी के दौरान छात्रावासों के कमरों से 25,000 तीर-धनुष, लाठी, भाले, फर्से अन्य पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ शराब की बोतलें एवं कई आपत्तिजनक सामान भी जब्त किये गये हैं।तीर और धनुष के अलावा, शराब की बोतलें, कंडोम्स और महिलाओं के कपडे भी बरामद किये गए हैं.दूसरी और महिला पुलिस छात्राओं के होस्टल में भी छापेमारी कर रही है.सीनियर पुलिस अधिकारिओं के अनुसार अबतक छह लोगों को हिरासत में लिया गया है. साथ ही छात्रावासों में पाए गए फोटो आदि की भी पहचान की जा रही है कि ये लोग सही में छात्र हैं या असामाजिक तत्व जो कॉलेज हॉस्टल में शरण लिए हुए थे. तीरों की संख्या इतनी थी कि उसे ट्रेक्टर पर ढो कर ले जाया गया. यह छापेमारी पिछले 25 नवम्बर को हुए झारखण्ड बंद के दौरान एस पी कॉलेज के पास हुई आगजनी की घटना के बाद की गयी. उस दिन विपक्षी दलों ने छोटानागपुर और संताल परगना टेनेंसी एक्ट्स में बदलाव के विरोध में बंद बुलाया था. एस पी कॉलेज के पास दुमका-पाकुड़ रोड को जाम कर बंद समर्थकों ने आठ बड़ी गाड़ियों में आग लगा दी थी.एस पी कालेज का हॉस्टल पहले से ही बदनाम रहा है. यहाँ पहले भी पुलिस की कार्यवाई हो चुकि है. एक बार दुमका के एक एसडीओ के साथ कथित छात्रों में मारपीट भी की थी.








