दुमका.
सीएनटी और एसपीटी एक्ट्स में बदलाव के विरोध में हुए झारखण्ड बंद के दौरान दुमका में आगजनी की घटना हुई थी. जिला पुलिस ने स्थानीय एस पी कॉलेज होस्टल में छापामारी कर भारी मात्रा में तीर –घनुष बरामद किये थे. इसी सिलसिले में चार छात्रों की गिरफ्तारी हुई थी जो अभी दुमका के सेंट्रल जेल में बंद हैं. इन छात्रों से मिलने पूर्व मुख्यमंत्री व झारखण्ड विकास मोर्चा के सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी जब शुक्रवार को दुमका जेल पहुंचे तो उनके साथ आम नागरिक सा व्यवहार किया गया.पहले तो उन्हें मुख्य गेट पर ही रोका गया. उन्हें जेल में बंद छात्रों से वहां पर मिलवाया गया जहाँ आम लोग कैदियों से मिलते हैं. बाबूलाल ने कहा कि यह सब राज्य सरकार के इशारे पर हुआ है.इस घटना को लेकर झाविमो में भारी गुस्सा है. पार्टी के उपाध्यक्ष विनोद शर्मा में इसे एक पूर्व मुख्यमंत्री और केद्रीय राज्य मंत्री का अपमान बताया है.जेवीएम के केंद्रीय मीडिया प्रभारी तौहीद आलम ने कहा कि दुमका जेल प्रशासन ने यह काम जेल मैनुअल के खिलाफ किया है.इस घटना पर रोष प्रकट करते हुए पार्टी के केंद्रीय समिति के सदस्य पिंटू अग्रवाल और दुमका जिला अध्यक्ष बिट्टू सिंह ने कहा कि पार्टी सुप्रीमो के साथ किये गए इस तरह के वर्ताव को कार्यकर्ता कंभी बर्दास्त नही करेंगे. मरांडी ना सिर्फ राज्य के पहले मुख्यमंत्री रह चुके हैं बल्कि एक पूर्व सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री भी रहे हैं.
छात्रों से मिलने गए पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी दुमका जेल







