दुमका.
रसेल कमिटिके अनुसंशा रिपोर्ट के साथ जोड़कर एसपीटी/सीएनटी एक्ट मे
संशोधन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजना चाहिए . वर्तमान मे यह संशोधन
अधूरा है . गोड्डा सासंद निशीकांत दूबे ने मंगलवार को दुमका परिसदन मे
पत्रकारो से बातचीत के क्रम में कहा .श्री दुबे ने कहा कि रसेल कमिटि के
रिपोर्ट को लागू करने के लिये उनकी यह लड़ाई 2009 से ही जारी है और पचास
बार से भी अधिक उन्होने संसद मे उठाया है. उन्होने कहा कि राज्यपाल से
उनका आग्रह होगा कि राज्य के विकास के लिये एसपीटी/सीएनटी एक्ट मे संशोधन
प्रस्ताव को मंजुर कर केन्द्र सरकार को भेज दे. श्री दुबे ने बताया कि
रसेल कमिटी मे स्पष्ट उल्लेख है कि गैर आदिवासी को अपने जमीन को खरीदने
और बेचने का अधिकार मिलना चाहिए. हालाकि सरकार के इस संशोधन बिल का
प्रस्ताव परित होने से सरकार के जनकल्याणकारी योजना के लिये भूमि की
समस्या नही रह जायेगी . भूमि के समस्या को ले आज भी लंबे समय के बाद भी
शिलान्यास के बाद भी कई कल्याणकारी योजना लटक गये है . श्री दुबे ने कहा
कि अस्तित्वविहिन और जनाधार खो चुके राजनितिक दल एसपीटी/सीनटी एक्ट मे
संशोधन को मुद्दा बनाकर संताल परगना मे जमीन तलाशने के जोगाड़ मे लगे हूए
है. झा मु मो का तो दुमका मे जनाधार समाप्त हो गया है और साहेबगंज मे हाथ
पांव मार रहे है. श्री दुबे ने कहा कि बीजली उत्पादन के लिये अडानी को
जमीन और जन सर्मथन दोनो मिला और जिदंल का भी परियोजना को भी स्वीकृति
मिलने वाला है . उन्होने कहा कि संथाल परगना के सभी योजनाये शूरू हो जायगें .
इस मौके पर जिला अध्यक्ष निवास मंडल, सीताराम पाठक, सुरेश मुर्मू, सतीश
कुमार, मुरारी सिहं, जवाहर मिश्रा सहित बड़ी संख्या मे भाजपा कार्यकर्ता
आदि मोजूद थे.
झामुमो का तो दुमका मे जनाधार समाप्त हो गया है -निशिकांत दूबे








