दुमका ।
विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष्य पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा
दुमका सदर अस्पताल मे विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर
का विधिवत उद्घाटन दुमका के सिविल सर्जन विनोद कुमार साहा, स्थाई लोक
अदालत के सदस्य सतेन्द्र कुमार सिंह, अधिवक्ता कुमार प्रभात, डीएस डा.
दिवाकर एवं डीपीएम राकेश कुमार द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर
पर उपस्थित चिकित्सको, एनएनएम, स्वास्थ्य सहिया, प्रशिक्षु नर्सो एवं मरीजो
को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डा. साहा ने का कि दुमका मे वर्तमान मे
36 एड्स से पीडित व्यक्तियो का ईलाज किया जा रहा है। दुमका मे एड्स के
जांच की मुफ्त सुविधा उपलब्ध है तथा इसके जांच मे पूरी गोपनियता बरती
जाती है। स्थाई लोक अदालत के सदस्य सत्येन्द्र सिंह ने कहा कि हमे एड्स से
जुडे सामाजिक पहलुओ पर विचार करने की जरुरत है, जो इस बीमारी को बढाने
मे प्रमुख कारक है। अधिवक्ता कुमार प्रभात ने कानूनी पहलुओ से अवगत
कराते हुए बताया कि एड्स पीडितो के साथ बढते भेदभाव को देखते हुए
सरकार ने हाल ही मे एचआईवी एवं एड्स संशोधन विधेयक (रोक एवं
नियंत्रण ) 2014 को पारित किया है। इस विधेयक मे एड्स मरीजो के ईलाज
मे भेदभाव करने वाले चिकित्सको, स्वास्थ्यकर्मियो, उनके कार्यस्थल के
पदाधिकारियो एवं सहयोगियो, शैक्षणिक संस्थाओ आदि द्वारा भेदभाव
की शिकायत मिलने पर उनके विरुद्ध 2 साल तक के कारावास का प्रावधान किया गया
है। अधिवक्ता प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि एड्स जागरुकता केवल एक आयोजन
बनकर न रह जाय, बल्कि इससे जुडी जानकाी को समाज के अंतिम व्यक्तियो को
पहुचाने का प्रयास किया जाना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन सेतु के कालेश्वर
मंडल एवं धन्यवाद ज्ञापन सदर अस्पताल के डीपीएम राकेश कुमार ने किया।
कार्यक्रम के उपरांत अतिथियो ने हरी झंडी दिखाकर एड्स जागरुकता रैली को
रवाना किया।
विश्व एड्स दिवस पर विधिक जागरुकता शिविर आयोजित








