दुमका : अब पुलिस या फिर मालिक असंगठित मजदूरों को प्रताड़ित नहीं कर
सकेंगे। केंद्र सरकार ने जो कानून बनाया है कि उसके तहत प्रताड़ति मजदूर
एसडीजेएम की अदालत में उनके खिलाफ मुकदमा दायर कर सकेंगे। जल्द ही राज्य
के सभी जिलों में कार्यालय खोलकर पदाधिकारियों का मनोनयन किया जाएगा।
उक्त बातें असंगठित मजदूर यूनियन एनएफआइटीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज
मंडल ने परिसदन में कही। उन्होंने कहा कि असंगठित मजदूरों के अब अच्छे
दिन आने वाले हैं। केंद्र सरकार ने उनके हित के लिए बनाए गई आइपीसी की
धारा 54 के तहत वे अब न्यायालय में अपनी शिकायत कर सकेंगे। मजदूरों के
हित के संरक्षण के लिए राज्य के सभी जिले में कार्यालय की स्थापना की
जाएगी। कहा कि नियोजक व प्रतिष्ठानों द्वारा मजदूरों का वाजिब हक नहीं
दिया जाता है। खनन क्षेत्र में कार्य के दौरान उन्हें किसी तरह की
सुरक्षा मुहैया नहीं करायी जाती है। अगर कोई आवाज उठाता है उसे दबाने का
प्रयास किया जाता है। मौके पर गया प्रसाद साह, तीरथ मंडल, आनंद कमल, बैजू
मिश्रा, गोपाल पंजियारा व प्रभाग मंडल आदि मौजूद थे।







