दुमका।
एस पी कॉलेज की ओर से आयोजित दिशोम सोहराय पर्व समारोह में सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री व झाविमो के सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की गलत नीति के कारण आदिवासियों की जनसंख्या घट रही है। आजादी के समय आदिवासियों की जनसंख्या 36 फीसद थी जो वर्तमान में घट कर 26 रह गई है। एक साजिश के तहत एसपीटी व सीएनटी एक्ट में संशोधन किया जा रहा है ताकि बचे हुए आदिवासी भी उजड़ जाएं। उन्होंने कहा कि न्यूज़ पेपर में पढ़ा कि प्रधानमंत्री कार्यालय से कोई पत्र आया जिसमें संशोधन से संबंधित रिपोर्ट मांगी गई है लेकिन इसकी अधिकारिक जानकारी नहीं है। कॉलेज के पास 25 नवंबर को वाहनों में आगजनी के बहाने सरकार छात्रों को परेशान कर रही है। निर्दोष छात्रों को जेल में बंद कर दिया है, जब उनसे मिलने गया तो सही बर्ताव नहीं किया गया। छात्रों की कई समस्याएं सुनने के बाद कहा कि सरकार को अविलंब दूर करना चाहिए। एक छात्रावास में मानक से कई गुना ज्यादा छात्र रहते हैं। छात्रवृत्ति भी समय पर नहीं मिलती है। आज भी किसी भी क्षेत्र में जितना आरक्षण है उतना ही आदिवासी दिखाई पड़ता है। आज सरकार आदिवासियों की संस्कृति व भाषा को भी नष्ट करना चाहती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने समुदाय के लोगों के साथ जमकर नृत्य किया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जगन्नाथ दास ने कहा कि सोहराय पर्व सभी को एक साथ मिलजुल कर रहने की सीख देता है। सिर्फ आदिवासी ही नहीं बल्कि सभी को मिलकर मनाना चाहिए। कार्यक्रम को होलिका मुर्मू, रामकृष्ण सोरेन, भैया हांसदा आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के शुभारंभ के पूर्व मैदान में आदिवासी परंपरा से गौड़ पूजा की गई। छात्रावासों के छात्र-छात्राओं ने नृत्य प्रस्तुत किया। मौके पर झाविमो के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह , मार्था हांसदा, प्रो. अंजुला मुर्मू, डॉ. अमरेंद्र कुमार सिन्हा, प्यारेलाल बेसरा, फ्रांसिस टुडू, अमीन किस्कू आदि शामिल थे। मंच संचालन इमानुएल हेम्ब्रम ने किया।
केंद्र व राज्य सरकार की गलत नीति के कारण आदिवासियों की जनसंख्या घट रही है-बाबूलाल मरांडी








