दुमका।
झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन गुरुवार की शाम गांधी मैदान पहुंचे और परंपरागत तरीके से 38वां झारखंड दिवस का ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस मौके पर मैदान में 38 ध्वज गाड़े गये थे। ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान पार्टी के युवा नेता हेमंत सोरेन, सांसद विजय हांसदा, विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी, नलिन सोरेन, सीता सोरेन, रविन्द्र नाथ महतो, पूर्व लोबिन हेंब्रम, हाजी हुसैन अंसारी, पूर्व विधायक शशांक शेखर भोक्ता, झामुमो महिला मोर्चा की अध्यक्ष महुआ माजि, अकील अख्तर, विजय कुमार सिंह , सुभाष कुमार सिंह , जॉयस बेसरा, असीम मंडल, शिवा बास्की, रवि यादव, प्रीतम साह, सुशील दुबे समेत कई पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे। इस मौके पर यहां बनाये गये शहीद वेदी पर श्रद्धासुमन भी अíपत किया गया। दिवंगत नेता स्व. दुर्गा सोरेन, स्व. सालखन सोरेन एवं स्व. डॉ. अनिल मुर्मू को श्रद्धांजलि दी गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के केंद्रीय महासचिव विजय कुमार सिंह ने किया।
ये है प्रमुख मांगें
– एसपीटी व सीएनटी एक्ट को सख्ती से लागू किया जाए। इसमें किये गये संशोधन को जनहित में वापस लिया।
– गलत ढंग से परिभाषित स्थानीयता नीति को वापस किया जाए तथा 1932 के आधार पर स्थानीयता नीति घोषित की जाए।
– भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को अविलंब वापस किया जाए।
– ललमटिया कोयला खदान में हुए भीषण दुर्घटना की जांच सीबीआइ से हो तथा मृतक के आश्रितों को 20-20 लाख मुआवजा दिया जाए।
– दुमका जिला में ओबीसी आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू किया जाए।
– पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से गांवों का विकास सुनिश्चित किया जाए।
– झारखंड क्षेत्र के सभी विद्यालयों में संताली तथा अन्य सभी क्षेत्रीय भाषा की पढ़ाई की जाए।
– तृतीय व चतुर्थ वर्ग पदों पर नियुक्ति पूर्ण रूप स्थायी निवासी जमाबंदी रैयतों के वंशजों के लिए आरक्षित किया जाए।
– सिदो-कान्हु मुर्मू विवि दुमका में मेडिकल कॉलेज की स्थापना करते हुए अविलंब पढ़ाई शुरू की जाए।
– दुमका में अविलंब कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए।
– दुमका में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना की जाए।
– अल्पसंख्यक वित्त निगम का गठन शीघ्र हो एवं इनके हितों की रक्षा की जाए।
– झारखंड में पूर्णरूपेण नशाबंदी लागू किया जाए।
– दुमका-देवघर के बीच लोकल ट्रेन की फेरा बढ़ायी जाए एवं रांची इंटरसिटी में टू टीयर बोगी की व्यवस्था की जाए।
– जंगलों की सुरक्षा एवं संवर्द्धन करते हुए ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा वन प्रबंधन एवं संरक्षण समिति को सशक्त किया जाए।
– झारखंड में स्पष्ट विस्थापन और पुनर्वास नीति बनायी जाए।
– पलायन को रोकने की दिशा में कारगर पहल हो।
– खेतों में सालों भर सिचाई सुविधा बहाल हो।
– सोहराय, वंदना एवं टुसू को राजकीय पर्व घोषित किया जाए।
– कोल इंडिया सार्वजनिक एवं डीवीसी समेत सभी पीएसयू कंपनियों का मुख्यालय झारखंड लाया जाए।
– शहीद- सिदो-कान्हु की जन्मस्थली भोगनाडीह एवं राजमहल शिवगादी मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।
– झारखंड की सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा की जाए।
– रैयतों को खनिजों में मालिकाना हक मिले।
– संताल परगना को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाए।
– दुमका उड्डयन प्रशिक्षण केंद्र तुरंत चालू किया जाए।
– राज्य में खेल नीति लागू किया जाए एवं खेल विवि की स्थापना की जाए।
– छोटी इकाई के पत्थर उद्योग को अविलंब किया जाए चालू
– झारखंड में वृद्ध, विधवा एवं निश्श्क्त पेंशन प्रतिमाह 3000 रुपये किया जाए।
– जंगलों की सुरक्षा एवं संवर्द्धन करते हुए ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा ग्राम प्रबंधन एवं संरक्षण समिति को सशक्त किया जाए।
– झारखंड में मल्टी स्पेश्लिटी अस्पताल के साथ सभी जिला मुख्यालय के सदर अस्पताल में आईसीयू की व्यवस्था की जाए।
– साहिबगंज में गंगा रेल तथा सड़क पुल का निर्माण कराया जाए।
– झारखंड में हड़पी गयी जमीन वापस करने का विधि संगत प्रक्रिया प्रारंभ किया जाए।
– पुनासी जलाशय योजना से विस्थापित रैयतों को उचित मुआवजा तथा पुनर्वास की व्यवस्था कर योजना को अविलंब चालू किया जाए।
एस पी कॉलेज से निकली रैली

झारखंड मुक्ति मोरचा का 38 वां स्थापना दिवस गुरुवार को उपराजधानी दुमका के गांधी मैदान में देर रात शुरू हुई . झारखंड राज्य के निर्माण के संकल्प के साथ शुरू की गयी इस जनसभा की परंपरा को राज्य निर्माण के बाद भी पार्टी ने जारी रखा है. परंपरागत तरीके से हजारों लोग रैली के रूप में एसपी कॉलेज मैदान में एकत्रित हुए और वहां से महेशपुर विधायक प्रो स्टीफन मरांडी व शिकारीपाड़ा विधायक नलिन सोरेन की अगुवाई में गांधी मैदान की ओर रवाना हुए. पोखरा चौक में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस रैली में शामिल हुए. इससे पूर्व नेताओं ने सिदो कान्हू की प्रतिमा पर श्रद्धा पुष्प अर्पित किया.इस बार झामुमो अपने लिट्टी पाड़ा विधायक डॉ अनिल मुर्मू के असामयिक निधन की वजह से कार्यक्रम को सादगी से मना रहा है. कार्यक्रम के ठीक सामने जहां सांस्कृतिक मंच हुआ करता था, वहां दिवंगत नेताओं की तस्वीरों पर श्रद्धापुष्प अर्पित किये जायेंगे. इस बार कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होगा. पार्टी सुप्रीमो द्वारा झंडोत्तोलन के बाद सभा शुरू होगी. इस बार की सभा में झामुमो के नेता, सांसद-विधायक रघुवर सरकार को एसपीटी-सीएनटी में संशोधन तथा जन भावनाओं के विपरीत बनाये गये स्थानीयता नीति को लेकर घेरने का काम किया. इस जनसभा को लेकर राज्य के अलग-अलग हिस्सों से नेता-कार्यकर्ता और समर्थक तो परंपरागत वेशभूषा और परंपरागत हथियारों के साथ पहुंचे हैं. गांधी मैदान में विशाल मंच से पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन देर रात संबोधित करेंगे . दिलचस्प बात यह है कि झामुमो की यह सभा शाम ढलने के बाद शुरू होती है और देर रात तक चलती है.








