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नववर्ष में जन्मी पहली गरीब बिटिया बनेगी अमीर,मिलेगा 50 हजार

दुमका : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
अभियान को पर लगने लगा है। झारखंड की उपराजधानी दुमका में नववर्ष के आगमन
के साथ जिले में या सदर अस्पताल दुमका में रात 12 बजे के बाद जन्म लेने
वाली पहली गरीब बिटिया अमीर बन जाएगी। उसके जन्म लेने के साथ ही कम से कम
वह 50 हजार रुपये की मालकिन होगी। दरअसल छात्र चेतना संगठन की ओर से
नववर्ष 2018 के आगमन पर एक अनोखी पहल की जा रही है। छात्र चेतना संगठन ने
वर्ष 2018 को बेटी बचेगी, बेटी पढ़ेगी वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय
लिया है। इसके तहत संगठन ने निर्णय लिया है कि नए साल के प्रवेश करते ही
दुमका सदर अस्पताल या जिले के किसी क्षेत्र जहां किसी गरीब व जरूरतमंद
परिवार के घर में बेटी जन्म लेगी उसके शिक्षा के लिए 50 हजार रुपये का
चेक दिया जाएगा। इसके लिए संगठन ने जिले के उपायुक्त मुकेश कुमार एवं सदर
अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. जगत भूषण को पत्र लिखकर आग्रह किया गया है कि
31 दिसंबर की रात्रि 12 बजे के बाद सबसे पहले जन्मी गरीब बच्ची के
माता-पिता का नाम व पता बताया जाए ताकि सही पात्र से इस योजना की शुरुआत
हो सके। संगठन की ओर से देवघर व गोड्डा में भी यह पहल की गई है।
छात्र चेतना संगठन के केंद्रीय प्रमुख हिमांशु मिश्र ने कहा की
समाज से कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीति, नारी हिंसा, दहेज, हत्या,
दुष्कर्म जैसे कुकृत्यों से मुक्त करने के लिए और जनमानस में बेटियों के
प्रति सकारात्मक सोच उत्पन्न करने के उद्देश्य से छात्र चेतना संगठन ने
बेटी बचेगी, बेटी पढ़ेगी वर्ष मनाने का निर्णय लिया गया है। प्रयास होगा
कि इसके जरिए एक सामाजिक क्रांति का अग्रदूत काम किया जाए ताकि बेटिया
सीता और सावित्री के आदर्श पर फिर से प्रतिष्ठापित हो सकें।

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