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पूर्व मंत्री हरिनारायण राय को सात साल की सश्रम कैद, पांच लाख जुर्माना

रांची।
मनी लांड्रिंग मामले में पूर्व मंत्री हरिनारायण राय को सात वर्ष की सश्रम कैद की सजा सुनाई गई। साथ ही पांच लाख रुपये जुर्माना लगाया गया। जुर्माने की राशि नहीं देने पर अभियुक्त हरिनारायण को 18 माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के विशेष न्यायाधीश बीके तिवारी की अदालत ने सोमवार को हरिनारायण राय को पीएमएलए (प्रीवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट) की धारा चार में दोषी पाते हुए सजा सुनाई। वहीं पीएमएलए एक्ट की धारा-8 के तहत उनकी संपत्ति को जब्त करने को पुष्ट किया गया है। फैसले की जानकारी ईडी के वरीय विशेष लोक अभियोजक एसआर दास ने दी। ईडी के वरीय पदाधिकारियों ने कहा कि पीएमएलए एक्ट में यह देश का पहला फैसला है। उल्लेखनीय है कि पीएमएलए एक्ट वर्ष 2002 में बना था और 2005 से प्रभाव में आया। फैसले को लेकर ईडी के कई वरीय पदाधिकारी रांची के ईडी कोर्ट में पहुंचे थे। हरिनारायण के अधिवक्ता विद्युत चौरसिया ने उनके बचाव के लिए न्यायालय से आग्रह भी किया। हरिनारायण राय के खिलाफ तीन करोड़ 72 लाख 54 हजार 116 रुपये का मनी लांड्रिंग का आरोप था। तत्कालीन मुख्यमंत्री मधु कोड़ा सरकार के दौरान हरिनारायण ने अपने मंत्रित्व काल (2005 – 2008) के बीच मनी लांंड्रिंग किया। ईडी ने तीन चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया था। पहला चार्जशीट 11 दिसंबर 2009, इसके बाद 9 मार्च 2011 और 25 मई 2016 को पूरक चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया गया था।
ईडी ने अनुसंधान के क्रम में हरिनारायण राय की संपत्ति का दो बार अटैचमेंट किया है। वर्ष 2010 में 66 लाख रुपये और छह अगस्त 2015 को एक करोड़ 87 लाख 62 हजार 720 रुपये की संपति कंफर्म अटैचमेंट हुई थी। अभियोजन की ओर से 33 लोगों की गवाही न्यायालय में दर्ज की गई। हरिनारायण राय ने हरमू हाउसिंग कॉलोनी में एचआइजी एच-35 में 1.14 करोड़ का मकान, सोनारथारी देवघर में 52.70 लाख का बाबा बासुकी डेयरी फॉर्म, देवघर के दुमका रोड में सोनारथारी में 23.50 लाख का मछली तालाब, सूरज महल जालान रोड देवघर में 50.45 लाख का बमपास टाउन, मकान में निवेश 10.35 लाख रुपये और अपने पत्नी व भाई के नाम पर 41 लाख रुपये का निवेश किया है। ईडी ने अनुसंधान के क्रम में उनकी संपत्ति अटैच किया। मनी लांड्रिंग मामले को लेकर ईडी ने 4 सितंबर 2009 को कांड संख्या ईसीआइआर 01/पीएटी/09/एडी के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी पूर्व मंत्री हरिनारायण राय व एनोस एक्का पर एक साथ दर्ज किया गया था। 9 मार्च 2011 को दोनों का रिकॉर्ड अलग-अलग कर न्यायालय में सुनवाई की प्रक्रिया चली है। एनोस एक्का मामले में सुनवाई चल रही थी। प्राथमिकी के सात वर्षो के बाद अदालत ने सुनवाई करते हुए हरिनारायण राय मामले में फैसला सुनाया। आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व मंत्री हरिनारायण राय को 14 दिसंबर 2016 को भी पांच वर्ष की सजा सुनाई गई थी। साथ ही 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया था। उनके साथ उनकी पत्नी सुशीला देवी और भाई संजय राय को भी सजा सुनाई गई थी। इस मामले में सभी बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं।

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