दुमका ।
संताल परगना में भाजपा की पैठ मजबूत करने के लिए जुटे पार्टी के रणनीतिकारों की निगाह अब झामुमो के परंपरागत वोट बैंक अनुसूचित जनजाति पर है। सत्ता व संगठन के आसरे इस वोट बैंक पर काबिज होने की फिराक में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की ओर से 17 मार्च को दुमका के इंडोर स्टेडियम में प्रमंडल स्तर पर एक सम्मेलन किया जा रहा है। पार्टी की ओर से इसकी तैयारी शुरू हो गयी है। अजजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व खिजरी विधायक रामकुमार पाहन ने प्रमंडल के सभी पंचायत से कम से कम पांच अजजा कार्यकर्ताओं को सम्मेलन में लाने का टास्क पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया है। सम्मेलन को प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास और संगठन के आलाकमान लक्ष्मण गिलुआ भी खासतौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
दरअसल राजनीति को करीब से समझने वाले इसे भाजपा के एक तीर से दो निशान साधने की तैयारी बता रहे हैं। इनके मुताबिक भाजपा के रणनीतिकारों की निगाह निकट भविष्य में होने वाले लिट्टीपाड़ा विधानसभा उपचुनाव पर है। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने झामुमो के इस परंपरागत व अजजा बाहुल्य सीट पर कब्जा जमाने की मंशा से झामुमो के दिग्गज व इस सीट पर लगातार जीत दर्ज करते आ रहे साइमन मरांडी को पार्टी में शामिल करने व चुनाव लड़ाने के बाद भी चुनाव हार गई थी। भाजपा के रणनीतिकारों को इसका मलाल है और उपचुनाव में इस हार का बदला हरहाल में चुकाने की तैयारी हो रही है। हालांकि साइमन ने भी अभी भाजपा को बाय-बाय कर अपनी विरासत फिर से हासिल करने की कोशिश शुरू कर दी है।
बहरहाल, भाजपा इस सीट पर किसे दंगल में उतारेगी यह निर्णय भी होना है लेकिन पार्टी आलाकमान ने इस इलाके की एक दिग्गज मंत्री समेत कई आदिवासी नेताओं को क्षेत्र में पकड़ बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकने का निर्देश दिया है। जानकार बताते हैं कि अगर इस उपचुनाव में भाजपा ने पासा पलटा तो यह संदेश भी स्वत: सबके बीच जाएगा कि अजजा वोटरों का झामुमो से मोहभंग हो चुका है। इससे इतर स्थानीय नीति और एसपीटी एक्ट में संशोधन के बाद सरकार का विरोध कर रहे अजजा समुदाय के लोगों की नाराजगी को भी भाजपा के रणनीतिकार आंकने की कोशिश करेंगे ताकि आने वाले दिनों में आगे की रणनीति पर काम किया जा सके।
भाजपा कर रही है एक तीर से दो निशान साधने की तैयारी







