दुमका ।
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के सुप्रीमो शिबू सोरेन के छोटे बेटे बसंत सोरेन ने कहा कि राज्य की रघुवर सरकार व गद्दाफी राज में कोई फर्क नहीं है। रघुवर सरकार के निर्णयों से झारखंड की जनता त्राहिमाम है। बसंत मंगलवार को दुमका के गांधी मैदान में दो फरवरी को आयोजित होने वाले 38वां झारखंड दिवस की तैयारियों का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर कहा । बसंत ने कहा कि रघुवर सरकार के जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पूरे राज्य के आदिवासी व मूलवासी उद्वेलित हैं। इस बार दो फरवरी को दुमका के गांधी मैदान में सरकार की जनविरोधी नीतियों पर जोरदार प्रहार होगा। खासकर एसपीटी-सीएनटी एक्ट में संशोधन, स्थानीयता नीति एवं नियोजन नीति पर रघुवर सरकार की मंशा का खुलासा किया जाएगा। कहा कि पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन ने जिस उद्देश्य से अलग झारखंड राज्य का निर्माण कराया है वह आज भी अधूरा है। दो फरवरी को यहां आने वाली जनता को यह भी बताया जाएगा कि किस तरह से आबुआ झारखंड को सरकार की शह पर बाहरी लोग लूटने की तैयारी में है। पूर्व मंत्री हरिनारायण राय की सजा के बाद की स्थिति पर कहा कि इस पर पार्टी समुचित निर्णय लेगी। संताल परगना में भाजपा की तेज होती चहलकदमी पर बसंत ने कहा कि संताल परगना झामुमो का अभेद्य दुर्ग है और आगे भी रहेगा चाहे भाजपा कितना भी जोर लगा ले। झामुमो किसी भी चुनौती से डरता नहीं है। कहा कि मिशनरी का साथ झामुमो के साथ रहा है और जहां तक आरएसएस का सवाल है तो इसका कोई प्रभाव इस इलाके में नहीं पड़ने वाला है। बसंत ने कहा कि इस बार दो फरवरी ऐतिहासिक होगा और इसकी तैयारी अंतिम चरण में है। मौके पर पार्टी के केंद्रीय महासचिव विजय कुमार सिंह , जिला अध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह , सचिव शिवा बास्की, रवि यादव, सुशील दुबे आदि मौजूद थे।
रघुवर सरकार व गद्दाफी राज में कोई फर्क नहीं है-बसंत सोरेन








