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राज्य विकास परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा तैयार होगा विजन 2032

रांची। राज्य सरकार ने अगले 15 वर्ष के लिए झारखंड के विकास का विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने का फैसला किया है। विजन 2032 नाम से हर सेक्टर में एक्शन प्लान और इंप्लीमेंटेशन प्लान तैयार होगा। राज्य विकास परिषद की बैठक में इसपर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठकमें विशेषज्ञों, मंत्रियों, विधायकों और त्रिस्तरीय पंचायत समिति से मनोनीत सदस्यों ने अपनी बातें रखी। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर कर रहे लोगों के जीवनस्तर में सुधार लाने पर जोर दिया और उनका आर्थिक विकास करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए 15 साल का विजन तैयार किया जाए। सात या पांच साल की स्ट्रेटजी और तीन साल का एक्शन प्लान बनाया जाए। कई चीजों में राज्य राष्ट्रीय मानक में पिछड़ा हुआ है। इसे स्वीकार कर सुधार के लिए काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने राज्य विकास परिषद की उपसमिति बनाने का सुझाव दिया। जिसे अगले तीन साल का रोडमैप तैयार करने की जिम्मेवारी दी जाए। समिति लक्ष्य निर्धारित कर क्रियान्वयन पर सुझाव देगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे फील्ड जाकर स्पॉट वेरिफिकेशन करें। अब खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा। राज्य सरकार कृषि पर खास फोकस कर रही है। इसके तहत पशुपालन और दुग्ध उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है। सरकार सिंचाई व्यवस्था को भी मजबूत करने की कोशिश कर रही है। तीन से पांच एकड़ वाले 300 तालाब का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। स्वरोजगार के अवसर भी पैदा किए जा रहे हैं। राज्य विकास परिषद के उपाध्यक्ष सुरजीत सिंह भल्ला ने राज्य में कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में योजनाओं के क्रियान्वयन के क्षेत्र में काम करने की जरुरत है। सही से मॉनिटङ्क्षरग की आवश्यकता है। किस जिले में कौन से क्षेत्र में काम किया जाना चाहिए इसका डाक्यूमेंटेशन होना चाहिए। राज्य का आर्थिक विकास दर देश के विकास दर से ज्यादा है। इसके बाद भी कई क्षेत्रों में काम करने की जरूरत है। बैठककी शुरुआत विकास आयुक्त अमित खरे के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने सरकार की प्राथमिकता और विकास परिषद के औचित्य के बारे में जानकारी दी। बैठक में आठ मंत्री, 14 सांसद, पांच-पांच जिला परिषद अध्यक्ष,दुमका नगर परिसद के अध्यक्ष अमिता रक्षित, रांची मेयर के साथ ही सदस्य टी नंद कुमार और अशोक भगत समेत सभी विभाग के प्रधान सचिव मौजूद थे। राज्य विकास परिषद के उपाध्यक्ष सुदेश महतो बैठक में शामिल नहीं हुए। आजसू कोटे के मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि वे राज्य से बाहर हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक कुणाल षाडंगी और स्टीफन मरांडी बैठक में शामिल नहीं हुए। संसदीय कार्यमंत्री सरयू राय ने कहा है कि राज्य विकास परिषद को धरातल पर जाकर काम करने की जरूरत है। परिषद का काम सिर्फ विकास आयुक्त के कार्यालय तक सीमित नहीं रहे।

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