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लिट्टीपाड़ा उपचुनाव में झामुमो का चला जादू ,झारखंड में मोदी मैजिक फेल, हेमलाल ने लगाई हार की हैट्रिक

झामुमो के साइमन मरांडी ने भाजपा के हेमलाल मुर्मू को 12, 900 वोटो से हराया
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पाकुड़/ लिट्टीपाड़ा ।
झारखण्ड के पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा उपचुनाव में विपक्षी झारखण्ड मुक्ति मोर्चा का जलवा बरकरार रहा। 1980 से लगातार इस सीट पर जीत का परचम लहराने वाले झामुमो ने उपचुनाव में भी अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा। झामुमो विधायक अनिल मुर्मू के असामयिक निधन से के बाद हुए उपचुनाव में भी झामुमो उम्मीदवार साइमन मरांडी ने जीत दर्ज की।

लगभग 20 राउंड तक हुई गिनती के दौरान दूसरे, तीसरे, दसवें, तेरहवें चौदहवें राउंड में भाजपा के उम्मीदवार को झामुमो के मुकाबले ज्यादा वोट मिले। झामुमो के साइमन मरांडी ने भाजपा के हेमलाल मुर्मू को 12, 900 वोटो से हराया। वहीं, साइमन को कुल 65, 551 तो हेमलाल मुर्मू को 52,651 वोट मिले।

एक तरफ सीएम रघुवर दास तो दूसरी तरफ पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने लगा रखा था जोर

लिट्टीपाड़ा उपचुनाव के बहाने भाजपा ने संथाल परगना इलाके में झामुमो के किले को भेदने के लिए भाजपा ने एड़ी चोटी लगा राखी थी। मुख्यमंत्री रघुवर दास कई बार वहां गए और कई रातें वहां बिताई। यहां तक की इस असेंबली सीट में पड़ने वाले चारों ब्लॉक एरिया के बूथ कमिटी के लोगों के साथ बैठक तक की। इतना ही नहीं राज्य के चार मंत्री वहां तैनात रहे।

झारखण्ड सरकार की समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी इलेक्शन की डेट डिक्लियर होने के बाद वहीं कैंप कर रही थी। बावजूद इसके भाजपा को इस उपचुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा। वहीं, झामुमो न अपने सबसे बड़े हथियार शिबू सोरेन का भी अंतिम क्षणों में उपयोग किया। दिसोम गुरु के नाम से संथाल में विख्यात सोरेन ने गांवों में दौरा किया और लोगों को मोबिलाइज़ किया।

1980 से लेकर अबतक झामुमो के कब्जे में रही है यह सीट

दरअसल, आंकड़ों के हिसाब से 1980 लेकर 2014 तक हुए असेंबली इलेक्शन में सीट झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के कब्जे में रही है। हालांकि मौजूदा झामुमो उम्मीदवार 1977 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में यहां से पहली बार जीते थे। उसके बाद 2009 तक या तो साइमन मरांडी ने यह सीट जीती या फिर उनकी पत्नी सुशीला हांसदा के कब्जे में रही। 2014 में यह सीट झामुमो के अनिल मुर्मू ने जीती जबकि साइमन भाजपा के उम्मीदवार के रूप में दूसरे नम्बर पर रहे।

राज्य की समज कल्याण मंत्री और लिट्टीपाड़ा चुनाव के लिए प्रबंधन के लिए डेप्युट की गयी डॉ लुईस मरांडी ने कहा कि चुनाव में जीत हार लगी रहती है। चुनाव नतीजों के ऊपर मंथन किया जाएगा। नतीजे जो भी हो लिट्टीपाड़ा इलाके का विकास सरकार का मकसद है। वहीं, झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष सुखदेव भगत ने कहा कि यह बीजेपी उम्मीदवार हेमलाल मुर्मू की नहीं बल्कि राज्य सरकार और उसकी नीतियों की हार है।

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