देवघर ।
मधुपुर अनुमण्डल स्थापना के रजत जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री रघुवर दास का देवघर आगमन हुआ। इनके आगमन पर दिव्याग बच्चों के द्वारा राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। सर्वप्रथम देवघर विधायक नारायण दास द्वारा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में हो रहे विकास की चर्चा की गई तथा आषा व्यक्त की गई कि मधुपुर अनुमण्डल भी इनके नेतृत्व में विकास पथ पर अग्रसर होगा। गोड्डा सांसद निषीकांत दूबे द्वारा सी0एन0टी0 एस0पी0टी0 एक्ट में किये गये सुधार के लिए इनकी प्रषंसा की गई। साथ हीं रेल परियोजना एवं विद्युत परियोजना में हो रहे विकास के लिए मुख्यमंत्री की प्रषंसा की गई। रणधीर सिंह मंत्री कृषि, पशुपालन एवं गन्ना विकास द्वारा इस अवसर पर मुख्यमंत्री के आगमन को काफी महत्वपूर्ण बताया तथा इनके नेतृत्व में राज्य में हो रहे चर्तुदिक विकास के लिए इनकी प्रषंसा की गई। राजपलिवार मंत्री श्रम नियोजन, प्रषिक्षण एवं कौषल विकास द्वारा इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री के आगमन को इस अनुमंडल के लिए शौभाग्यपूर्ण बतलाया गया तथा इनके द्वारा मधुपुर में ईंजिनयरिंग काॅलेज एवं महिला महाविद्यालय के स्थापना की मांग की गई। बिजली के क्षेत्र में हुए अप्रत्याषित सुधार के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा अपने संबोधन में मधुपुर अनुमण्डल के रजत जयंती के अवसर पर सभी को बधाई दी गयी। इनके द्वारा सारठ में पाॅल्टैक्निक काॅलेज खोलने तथा मधुपुर मंे जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर महिला महाविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की गई। साथ हीं देवघर में संस्कृत एवं आदिवासी विष्वविद्यालय खोलने की घोषणा की गयी। इनके द्वारा बतलाया गया कि संथाल पर हमारी विषेष दृष्टि है; जिसके लिए हमने इस क्षेत्र से तीन मंत्री बनाये हैं। इन्होंने बतलाया कि यहाँ के विधायक राजपलिवार ने अपने मंत्रीत्व काल में श्रम नियोजन एवं कौषल उन्नयन मामले में झारखण्ड को देष में प्रथम स्थान दिलाया है। इसी प्रकार रणधीर सिंह, विधायक, सारठ ने अपने मंत्रित्व काल में कृषि एवं पशुपालन से संबंधित कार्यों को गति प्रदान की है। श्वेत क्रांति के क्षेत्र में झारखण्ड में दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर होने का निर्णय लिया है। इनके द्वारा बतलाया गया कि जो भी व्यक्ति दुग्ध उत्पादन के लिए गाय खरीदेगा उसको 50 प्रतिषत अनुदान सरकार देगी तथा मेघा डेयरी के द्वारा उसका दुग्ध क्रय किया जायेगा। इन्होंने बतलाये कि हरित क्रांति के क्षेत्र में भी सरकार कृषकों को कृषि के क्ष़्ोत्र में उन्नत बीज, सिंचाई एवं सयंत्रों के लिए अनुदान देगी। मुख्यमंत्री द्वारा बतलाया गया कि नील क्रांति के अंतर्गत मत्स्य उत्पादन में झारखण्ड देष में प्रथम स्थान प्राप्त करेगा। इनके द्वारा बतलाया गया कि हम सभी क्षेत्र में स्वावलंबन चाहते हैं और इसके लिए 50 करोड़ रूप्ये की राषि हस्तषिल्पी के लिए सुरक्षित कर दिया गया है जो अगले साल जाड़ा में वितरीत होने वाले कम्बल का निर्माण करेंगे। इसी प्रकार अस्पताल में होने वाले तौलिया आदि का निर्माण भी महिला स्वंय सहायता समूह से कराया जायेगा।इनके द्वारा बतलाया गया कि हमारी सरकार अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए कृत संकल्प है। उनके लिए टेक्सटाईल निर्माण हेतु प्रषिक्षण के लिए प्रषिक्षण केन्द्र की स्थापना की जायेगी तथा उन्हें इस उद्योग में शामिल होने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जायेगा। ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक उन्नति के लिए उद्योगों को बढ़ावा देने हेतु 15 युवाओं का समूह बनाया जायेगा तथा इसी प्रकार 15-15 महिलाओं की सरवी मंडली बनायी जायेगी और इन्हें इच्छित उद्योग के लिए ऋण मुहैया कराया जायेगा। मुख्यमंत्री द्वारा बतलाया गया कि माननीय प्रधानमंत्री द्वारा साहेबगंज गंगा पुल के निर्माण का षिलान्यास करने तथा 4000 मेगा वाॅट के विद्युत उत्पादन केन्द्र का षिलान्यास करने के पश्चात इनके निर्माण से झारखण्ड में विकास का एक नया आयाम स्थापित होगा। इनके द्वारा बतलाया गया कि 24 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए ट्रांसमिषन लाईन का तथा अंडराग्राउंड केबलिंग के लिए सरकार द्वारा टेंडर निकाला गया है। इनके द्वारा बतलाया गया कि 6000 स्वयं सहायता समूहों को सवा तीन लाख चूजा उपलब्ध कराया गया है। इसके लिए इन्हें अपने घर में ही चूजों को देख रेख करना है और इसके अण्डे को बेचने के लिए बाहर नहीं जाना है। गाँव के ही सरकारी स्कूलों में बच्चों के भोजन के उपयोग में लाया जायेगा; जिससे गांव के लोग खुद भी स्वावलंबन होंगे। साथ हीं इन्हें 4000 रूप्ये मासिक आय भी होगी। मुख्यमंत्री द्वारा बतलाया गया कि झारखण्ड में षिक्षा की स्थिति इतनी बूरी थी की केवल 10000 स्कूलों में डेस्क बैंच उपलब्ध था, परन्तु इनकी सरकार ने अवषेष 30000 स्कूलों में डेस्क बैंच उपलब्ध कराया है। उनके द्वारा बतलाया गया कि षिक्षा में सुधार केलिए आज हीं 2 कम्पनी से संविदा किया गया है जो विद्यालय में षिक्षा की स्थिति एवं छात्रों की उपस्थिति का यथावत चित्र उनके समझ प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने सभी से 2018 तक झारखण्ड को स्वच्छ एवं बाह्य शौच मुक्त बनाने का अनुरोध किया।








