दुमका ।
उपराजधानी की पुलिस ने वारदात के 48 घंटे के अंदर आदिवासी युवती से सामूहिक दुष्कर्म करनेवाले 16 लड़कों को अब तक गिरफ्तार कर लिया है। 16 में से सात लड़कों ने युवती के साथ दुष्कर्म किया था। अन्य नौ आरोपियों ने बंधक बनाकर मारपीट की और साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया था। सभी के पास से पुलिस ने मोबाइल, एक चाकू और एक स्कूटी बरामद की है। सभी लड़के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के ही हैं। देर शाम सभी को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के आवास पर पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। आरोपियों में एक अभी भी फरार है।
शुक्रवार की शाम मुफस्सिल थाना में एसपी मयूर पटेल ने बताया कि वारदात का शिकार बनी युवती के बयान पर मामला दर्ज किया गया है। युवती बुधवार की शाम अपने साथी के साथ घूमने के बाद दिग्घी कॉलेज जाने वाले रास्ते से घर की ओर लौट रही थी। करीब सात बजे शाम को शौच जाने के लिए लड़की जैसे ही बाइक से उतरी। पहले से मौजूद पांच लड़कों ने घेर लिया। कहा कि तुम लोग गलत काम करने के इधर आए हो, पैसा निकालो। चार हजार रुपया और पीड़िता का मोबाइल मांगा। विरोध करने पर दोनों के साथ मारपीट की। इस बीच लड़कों ने अपने एक दर्जन साथियों को बुलाया लिया। 17 लड़कों ने दोनों के साथ मारपीट की और मांझी हड़ाम बुलाने की धमकी देकर लड़की को झाड़ी की ओर ले गए। जहां दोनों को बंधक बनाकर रखा। सात लड़कों ने युवती के साथ दुष्कर्म किया।
एसपी ने बताया कि सभी आरोपी घटनास्थल के समीप गांव के रहने वाले हैं। एक आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। सभी ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया है। वारदात की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार सिंह, मुफस्सिल थानेदार विनस सिन्हा, नगर के मनोज ठाकुर व अन्य पुलिस पदाधिकारियों की टीम बनाकर सभी को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों के पास से मोबाइल, एक स्कूटी और एक साधारण चाकू बरामद किया गया है। घटनास्थल से युवती के कपड़े, बाल का पिन व अन्य साक्ष्यों को जब्त कर जांच के लिए रांची फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
सजा दिलाने को बनी विशेष टीम
वारदात में शामिल आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए नगर थाना के पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार ठाकुर को जांच का अनुसंधानकर्ता बनाया गया है। टीम त्वरित अनुसंधान पूरा करने के लिए दोषियों को कड़ी सजा मिले, इसके लिए काम करेगी।
विश्वविद्यालय में खुलेगा ओपी
एसपी ने बताया कि वारदात के बाद विश्वविद्यालय परिसर में ओपी बनाने के लिए विवि के माध्यम से सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द ओपी यानी आउट पोस्ट थाना खुले। जब तक थाना नहीं खुलता है तब तक इस मार्ग पर सघन पेट्रोलिंग की व्यवस्था करायी जाएगी।
मामले का खुलासा कर एक आरोपी को छोड़ 16 को गिरफ्तार किया गया है। युवती और उसके पुरुष मित्र की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। पुलिस दोनों का विशेष ध्यान रखने के साथ उनके संपर्क में लगातार रहेगी। प्रयास रहेगा कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा हो। वारदात में सभी आरोपियों की पूरी भूमिका है। बरामद चीजों को जांच के लिए रांची लैब भेजा जाएगा। आरोपियों के एक दूसरे से संबंध की अभी पड़ताल की जा रही है।
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