दुमका। बाल कल्याण समिति बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट के समक्ष मंगलवार को चाइल्ड लाइन रामपुरहाट के द्वारा काठीकुंड थाना क्षेत्र के 13 वर्षीय बालिका को प्रस्तुत किया गया।
चैयरपर्सन अमरेंद्र कुमार ने बताया की बालिका करीब एक माह पूर्व घर से बिना कुछ कहे मसानजोर घूमने गयी थी। जहां एक अनजाने युवक से दोस्ती हो गयी। दोनों ने साथ खाना खाया तथा युवक ने अपने दो दोस्तों को बुलाया और सभी पूजा करने तारापीठ चले गए। समिति के समक्ष बालिका ने अपने वयान में बतायी की पूजा के पश्चात सभी लोग रात्रि में एक होटल में रुके जहां उक्त एक लड़ने ने इसके साथ यौन शोषण किया। दूसरे दिन लड़की को रामपुरहाट स्टेशन को लड़की को छोड़ कर सभी लड़के भाग रहे थे तो वहां उपस्थित ऑटो चालकों ने माजरे को भांपते हुए दो लड़के को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। अभी लड़के बीरभूम जेल में है। लड़की के पिता ने बताया उनकी बेटी पहले भी एक बार घर से कहीं चल गई थी। उसकी मानसिक स्थिति थोड़ी खराब है। लड़की ने कहा मैं घर जाना चाहती हूं मुझे खाना बनाना अच्छा लगता है। इसके पूर्व लड़की अपने बगल के गांव का नाम बता पा रही थी उसे अपने गांव का नाम पता नहीं था। जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी प्रकाश चंद्र के सहयोग से बालिका के पिता को खोज निकाला गया। सीडब्ल्यूसी ने सभी प्रकिया पूरी कर बालिका को उसके पिता को सुपुर्द कर दिया। सुनवाई में चेयरपर्सन अमरेंद्र कुमार, सदस्य शकुंतला दुबे व धर्मेंद्र नारायण प्रसाद मौजूद थे।









