दुमका ।
पूर्व मुख्यमंत्री सह झामुमो नेता हेमंत सोरेन ने मंगलवार को अपने आवास में कहा कि दुमका नगर परिषद में आसपास के 42 गांवों को शामिल करने के सरकार के फैसले का झामुमो अंतिम दम तक विरोध करेगा। हेमंत ने सरकार पर गांवों को उजाड़ने व ग्रामीणों को विस्थापित करने की साजिश रचने का आरोप मढ़ते हुए कहा कि दुमका शहरी क्षेत्र में बसने वाली आबादी जब बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है तो फिर सरकार किस मंशा से गांवों को शहर बनाना चाह रही है।
हेमंत ने कहा कि सरकार की निगाह ग्रामीणों के खेत-खलिहान पर है। शहरीकरण के नाम पर गांव की संस्कृति व अधिकार को ध्वस्त कर सरकार यहां की खेती योग्य जमीन पर इमारत खड़ा करना चाहती है। उन्होंने सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि दुमका जैसा शांत शहर आज अराजक तत्व व गुंडे-मवालियों का अड्डा बन गया है। यहां सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं। महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सूबे की मंत्री और दुमका की विधायक डॉ. लुईस मरांडी अपने रसूख का दुरुपयोग कर व्यापारियों का व्यवसाय छीन रही हैं।
सरकार हर मोर्चा पर विफल
हेमंत सोरन ने कहा कि रघुवर सरकार हर मोर्चे पर विफल है। प्रशासनिक तंत्र सरकार के एजेंट के तौर पर काम कर रही है। राज्य में अपहरण, लूट, फिरौती का ग्राफ बढ़ रहा है। कर्ज से किसान दबते जा रहे हैं। जीएसटी से व्यवसायी परेशान हैं और नोटबंदी की मार से आम आदमी परेशान है।
एक सवाल पर हेमंत सोरेन ने कहा कि पूर्व मंत्री रमेश सिंह की हत्या के मामले में जांच एजेंसी काम कर रही है और निश्चित तौर पर इसमें शामिल दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली पर चोट करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सरकार से न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती है क्योंकि रघुवर सरकार घटनाओं की जांच की जिम्मेदारी दागी अफसरों को सौंप कर लीपापोती करने पर ज्यादा भरोसा करती है। कहा कि रघुवर सरकार सैर-सपाटे और रंग मंच सजाने में माहिर है।
जय शाह नोटबंदी के बाद पहले सबसे बड़े बेनीफिशरी
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पुत्र जय शाह पर मीडिया में आई बातों पर हेमंत सोरेन ने चुटकी लेते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि नोटबंदी के बाद जय शाह इसके पहले बेनीफिशरी हैं। कहा कि देश में स्वच्छता अभियान के नाम पर सबसे बड़ा घोटाला हो रहा है जो आने वाले दिनों में सबके सामने होगा। यही हाल गंगा सफाई के नाम हुए घोटाले का भी है जिसका भी खुलासा होना तय है। एक सवाल पर हेमंत ने कहा कि भाजपा के अंदर आंतरिक प्रजातंत्र नहीं है। सीएनटी-एसपीटी एक्ट समेत अन्य मुद्दों पर भाजपा के आदिवासी नेताओं को मुंह बंद रखने का दबाव है।
हेमंत ने कहा कि वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा की हार तय है। झारखंड में धर्मनिरपेक्ष ताकत एकजुट होकर चुनाव लड़ें इसके लिए यहां एक मजबूत गठबंधन का प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है। मतों के बिखराव का लाभ इस बार भाजपा को नहीं मिलने वाला है। भाजपा को झामुमो से भय है और इसके लिए प्रधानमंत्री से लेकर कई केंद्रीय मंत्री झारखंड आना-जाना कर रहे हैं।
कहा कि झूठे वायदे व शिलान्यास- उद्घाटन की चकाचौंध को अब जनता भी भलीभांति समझ रही है और इसका करारा जवाब 2019 में भाजपा को मिलना तय है। इस मौके पर भाजपा के जिला अध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह, जिला परिषद उपाध्यक्ष असीम मंडल, नगर अध्यक्ष रवि यादव आदि मौजूद थे।








