महिला अपराधों के प्रति सुरक्षा हेतु मार्शल आर्ट अहम – अमिता रक्षित
दुमका। बिना अस्त्र-शस्त्र के अपनी सुरक्षा किस प्रकार की जाए यह कराटे खेल के माध्यम से हम आसानी से सीख सकते हैं। कराटे खेल के साथ-साथ आत्मरक्षा के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी उचित सामंजस्य बैठा कर अपने जीवन को सफल बनाना चाहिए। झारखंड सरकार की समाज कल्याण मंत्री डॉ लोएस मरांडी ने दुमका के इंडोर स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय तेरहवीं राष्ट्रीय रेनबूकान कराटे डू चैंपियनशिप के उद्घाटन के अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में अपने संबोधन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार खेल कौशल को बढ़ावा देने हेतु कृतसंकल्प है। बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को झारखंड सरकार उनके खेल कौशल को बढ़ावा देने हेतु छात्रवृत्ति भी देती है। इसके अलावा मंत्री ने झारखंड सरकार द्वारा खेलकूद को बढ़ावा दिए जाने हेतु झारखंड सरकार द्वारा किए जा रहे अन्य प्रयासों का भी उल्लेख किया।
अवसर पर अपने संबोधन में दुमका जिला के उप विकास आयुक्त शशिरंजन ने कहा कि दुमका में मार्शल आर्ट की विविध विधाओं का काफी क्रेज है । उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में दुमका जिला से कई खिलाड़ी उभरकर सामने आएंगे जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनायेंगे। अवसर पर अपने संबोधन में दुमका जिला के जिला शिक्षा पदाधिकारी धर्मदेव राय ने स्कूली बच्चों में खासकर बच्चियों में मार्शल आर्ट की तकनीकी जानकारी दिए जाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने तमाम विद्यालय प्रधानों को इस हेतु अपने स्तर से दक्ष प्रशिक्षकों के द्वारा बच्चियों को मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिए जाने का निर्देश दिया।
कार्यक्रम में अपने संबोधन में नगर परिषद की अध्यक्ष सह जिला रेनबूकान कराटे डू एसोसिएशन ऑफ दुमका की अध्यक्ष अमिता रक्षित ने महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध को रोकने में मार्शल आर्ट की भूमिका की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में महिला एवं बालिकाओं के प्रति समाज में अपराधों की वृद्धि हुई है ।यदि बालिका एवं महिलाएं मार्शल आर्ट में दक्ष हो तो वह अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकती हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेनबो कान कराटे एसोसिएशन के सचिव अरविंद कुमार कोटनाला ने मार्शल आर्ट के इतिहास के बारे में विस्तार से जानकारी दी ।उन्होंने बताया कि वर्ष 1984 में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी ने इस खेल को मान्यता दी थी ।वर्ष 2014 में भारत सरकार ने कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया को मान्यता दी ।जबकि वर्ष 2017 में इसे ओलंपिक खेल में शामिल कर लिया गया ।उन्होंने बताया कि 2020 के टोक्यो ओलंपिक में इस खेल को पहली बार शामिल किया जाएगा ।
कार्यक्रम मैं बाल कलाकार रिषिका सिन्हा ने शानदार स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया ।कराटे खिलाड़ियों द्वारा कराटे की शानदार प्रस्तुति दी गई। सिदो कान्हू उच्च विद्यालय की छात्राओं ने बेहतरीन सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
जिला खेलकूद संघ के सचिव उमाशंकर चौबे ने अपने संबोधन द्वारा अतिथियों का स्वागत किया।मंच संचालन शिक्षक जीवानंद यादव तथा मंच व्यवस्था शिक्षक मदन कुमार ने की ।
इससे पूर्व दुमका के सर्किट हाउस से विभिन्न राज्यों से आए कराटे टीम के खिलाड़ियों और स्कूली बच्चों द्वारा भारत को स्वच्छ बनाने हेतु भव्य रैली निकाली गई ।यह रैली दुमका के सर्किट हाउस से विवेकानंद चौक,सिदो-कान्हू स्कूल, सिंधी चौक, नगर परिषद चौक होते हुए इंडोर स्टेडियम दुमका में आकर समाप्त हुई ।
अवसर पर समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी, उप विकास आयुक्त शशिरंजन, प्रशिक्षु आईएएस विशाल सागर, नगर परिषद अध्यक्ष अमिता रक्षित, जिला शिक्षा पदाधिकारी धर्मदेव राय, सहायक अभियंता रमेश श्रीवास्तव, माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दिवाकर महतो, प्लस टू जिला स्कूल के प्राचार्य अजय कुमार गुप्ता, प्लस टू नेशनल स्कूल के प्राचार्य अनंत लाल खिरहर, करहलबिल उच्च विद्यालय के प्राचार्य अनिल तिवारी, शिशिर कुमार घोष, कैप्टेन दिलीप झा, ब्रजकिशोर झा, उमाशंकर चौबे, मनोज कुमार घोष, विमल भूषण गुहा, मदन कुमार, जीवानंद यादव, कुणाल झा,मृणाल झा,संदीप कुमार जय, संगीता सिन्हा, नीतू झा, मोनी कुमारी, गुड्डी कुमारी, पूजा कुमारी सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिका विभिन्न राज्यों से आए खेलकूद संघ के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या मे खिलाड़ी उपस्थित थे।










