दुमका । उपराजधानी में गैर जनजाति की जमीन को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप
कार्यालय में हुई जनजातीय परामर्शदातृ उपसमिति की बैठक का झामुमो ने जमकर
विरोध किया और समिति वापस जाओ के नारे लगाए। झामुमो ने कहा लुईस मरांडी वापस जाओ. पुलिस ने प्रदर्शन करने वाले
झामुमो विधायक नलिन सोरेन व सांसद प्रतिनिधि विजय कुमार सिंह समेत 93
कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर नगर थाना में रखा और शाम को सभी को बांड
पर छोड़ दिया।
करीब 11 बजे विधायक, सांसद प्रतिनिधि और जिलाध्यक्ष सुभाष सिंह के
नेतृत्व में कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। सभी का कहना था कि
सरकार लोगों की राय लेकर एसपीटी एक्ट में संशोधन करना चाहती है। जनता को
फिर से ठगने का प्रयास कर रही है। झामुमो उसकी इस मंशा को सफल नहीं होने
देगा। करीब एक घंटे तक कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे।
एसडीओ राकेश कुमार, डीएसपी रोशन गुड़िया और श्री राम समद ने सभी से बात की
लेकिन कोई हटने को तैयार नहीं हुआ। करीब सवा 12 बजे जैसे ही जिला परिषद
की ओर से मंत्री लुईस मरांडी का काफिला कैंप कार्यालय की ओर आया तो
कार्यकर्ता भड़क गए। नारेबाजी करते हुए आगे आने का प्रयास किया लेकिन
पुलिस की घेराबंदी को भेद नहीं सके। मंत्री के कैंप कार्यालय में प्रवेश
करते हुए पुलिस ने विधायक नलिन सोरेन, सांसद प्रतिनिधि समेत 93
कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और बस से सभी को नगर थाना भेज दिया। देर
शाम सभी को बांड पर छोड़ दिया गया।








