दुमका : छात्राएं किसी से कम नहीं हैं, इन्हें सिर्फ मौका मिलना चाहिए। निश्चित रूप से ये छात्रों के मुकाबले आगे बढ़ जाएंगी। झारखंड को अन्य राज्यों की तुलना में पिछड़ा समझा जाता है लेकिन उम्मीद है कि आने वाले समय में छात्राएं ही राज्य का नाम रोशन करेंगी। उक्त बातें बुधवार को कल्याण विभाग की ओर से संचालित काठीजोरिया स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में परिभ्रमण के दौरान राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कही। कहा कि कुलाधिपति के रूप में मैं उच्च शिक्षा देखती हूं लेकिन जहां भी जाना होता है वहां छात्राओं की आवासीय विद्यालय निश्चित रूप से देखती हूं, क्योंकि शिक्षा की आधारभूत संरचना विद्यालय में ही तैयार होती है। अगर माध्यमिक शिक्षा ठीक हो जाएगा तो विश्वविद्यालय अपने आप ठीक हो जाएगा।

कहा कि आधी आबादी महिलाओं की है। महिला समाज की रीढ़ हैं। महिला शिक्षित हो तो पूरे समाज पर इसका असर पड़ता है। देश की संस्कृति महिलाओं से ही सुरक्षित है। विद्यालय व छात्रावास का समावेश अच्छा होना चाहिए। कहा कि छात्राओं को आत्मनिर्भर होने की जरूरत है।
कहा कि वे खुद भी कक्षा आठ से छात्रावास में रहकर पढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। स्वच्छता बनाएं रखना सबका दायित्व है। छात्राएं मॉडल विद्यालय में रहती है, जिसका अर्थ ही आदर्श है। इसी के अनुरूप बनना भी है। राज्य में करीब 27 फीसद जनजाति की आबादी है। ये आगे बढ़ेंगे तभी राज्य आगे बढ़ेगा। कल्याण विभाग द्वारा अब इस तरह के विद्यालय में मेडिकल व इंजीनियरींग के प्रतियोगिता के लिए विशेष कोचिंग कराई जा रही है जो अच्छी बात है।
फिट्जी परीक्षा में उत्तीर्ण 21 छात्राओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के पूर्व राज्यपाल ने विद्यालय परिसर में बने छात्रावास को भी अंदर जाकर देखा। समाज कल्याण मंत्री डॉ. लुइस मरांडी ने कहा कि इस तरह के विद्यालय में राज्यपाल का आना ही अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है। उम्मीद है कि इनके परिभ्रमण के बाद विद्यालय की तस्वीर बदलेगी। इस विद्यालय में 100 फीसदी जनजाति छात्राएं पढ़ती हैं। कक्षा आठ से प्लस टू तक। 2008 से लगातार छात्राओं का परिणाम शत प्रतिशत रहा है। राज्य में कल्याण विभाग की ओर से 143 विद्यालय संचालित है। उसमें ये नंबर एक पर है सभी चीजों में। छात्राएं तनावमुक्त होकर पढ़ें निश्चित रूप से सफलता मिलेगी।
इसके पूर्व राज्यपाल को मुख्य गेट के पास आदिवासी परंपरा से लोटा-पानी से स्वागत किया गया। एनसीसी की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। छात्राओं की ओर से कई सांस्कृतिक कार्यक्रम किए गए। कार्यक्रम में डीआइजी अखिलेश कुमार झा, पुलिस अधीक्षक मयूर पटेल कन्हैयालाल, उपविकास आयुक्त शशि रंजन, अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार, प्रशिक्षु आइएएस विशाल कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी धर्मदेव राय, आइटीडीएस के निदेशक शिशिर कुमार सिन्हा, जिला कल्याण पदाधिकारी अशोक कुमार, प्राचार्या करूण शर्मा व मंच संचालन सहायक शिक्षिका सुमिता सिंह ने किया।








