दुमका : सिदो कान्हू मुर्मू विवि में गोपनीय एवं संवेदनशील परीक्षा विभाग के कार्य कर रहे कंपनी के पदाधिकारी धीरज कुमार के देखरेख में हो रहा है .धीरज कुमार को सीबीआई ने 25 नवंबर 2019 को रांची में झारखण्ड लोक सेवा आयोग में व्याख्याता नियुक्ति घोटाला में नामजद आरोपी बनाया है .उसके ऊपर 2007-08 में व्याख्याता
नियुक्ति के मेरिट लिस्ट के अंको में हेरा फेरी करने का आरोप है .यंहा बता दे की उस समय धीरज कुमार झारखण्ड लोक संघ आयोग के लिए ग्लोबल इन्फोर्मेटिक्स नामक कंपनी के जरिये काम करता था .इस कंपनी का पता धीरज ने अपने घर का ही दिया था .धीरज जेपीएससी में मेरिट लिस्ट बनाने का काम करता था .सीबीआई ने उसपर मेरिट लिस्ट में हेरा फेरी करने का आरोप लगाते हुए मुख्य आरोपी बनाया है .अब सवाल उठता है की जिसपर इतना गंभीर आरोप लगे हुए है .वैसे आदमी को परीक्षा विभाग जैसे अति संवेदनशील विभाग में काम करने दिया जाना चाहिए ? यह जांच का विषय है .इस पर विवि प्रबंधन खामोश क्यों है . यंहा बता दे की इक्नोमिक्स के शिक्षक प्रो अनमोल अमर बाबा का नाम भी इस नियुक्ति घोटाला में आने के बाद उसे विवि मुख्यालय से रूसा कोर्डिनेटर के पद से हटाते हुए जामताड़ा कॉलेज ट्रांसफर कर दिया है .पर आरोपी कंपनी के कर्मचारी पर विवि के कुलपति ने इसपर कोई कार्यवाही नहीं किया है . आखिर क्यों ?
जेपीएससी में व्याख्याता नियुक्ति घोटाला के आरोपी कंपनी ग्लोबल इन्फोर्मेटिक्स के कर्मचारी सिदो कान्हू मुर्मू विवि में कर रहा टेबलेशन का काम








