भाजपा के जिलाध्यक्ष से लेकर सांसदों तक ने हराने का काम किया़

झारखण्ड देखो डेस्क/रांची : झारखण्ड की राजधानी रांची में भाजपा के अंदर विधानसभा चुनाव के हार की समीक्षा हो रही है़. चुनाव में शिकस्त खाये भाजपा के प्रत्याशियों और विधायकों का गुबार भी फूट रहा है़. सांगठनिक विस्तार और विधानसभा चुनाव की जानकारी लेने पहुंचे राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह और राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष ने हारे हुए प्रत्याशियों और विधायकों से बंद कमरे में अलग-अलग बात किया .
इनसे पूरे चुनाव का फीडबैक लिया गया़ केंद्रीय नेताओं ने पहले हारे हुए प्रत्याशियों के साथ बैठक की, इसके बाद इनको अलग-अलग बुलाया गया़ . चुनाव में हारे प्रत्याशियों ने केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष अपनी पीड़ा बतायी़ . प्रत्याशियों ने बताया कि पार्टी के जिलाध्यक्ष से लेकर सांसदों तक ने हराने का काम किया़. विधायकों का भी कहना था कि पार्टी के सांसदों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिला़ . चार महीना पहले पार्टी के विधायकों और पदाधिकारियों ने दिन-रात लोकसभा चुनाव में काम किया था. यंहा बता दे की विधायकों को अपने क्षेत्र में टास्क दिया गया था़ लेकिन विधानसभा चुनाव में सांसदों ने गंभीरता नहीं दिखायी़ . पलामू व उत्तरी छोटानागपुर से जीत कर आये विधायकों ने सांसदों को कटघरे में खड़ा किया़ . वहीं पार्टी के जिला पदाधिकारियों के बारे में कहा गया कि इन लोगों ने खुल कर झामुमो के लिए काम किया़ .यंहा बता दे की चुनाव में पराजित 52 प्रत्याशी पहुंचे, 17 विधायकों के साथ अलग से बैठे नेता और बैठक किया .

भाजपा के नये प्रदेश अध्यक्ष और प्रतिपक्ष के नेता पर भी मांगी गयी राय
केंद्रीय नेता अरुण सिंह और बीएन संतोष ने प्रदेश के नेताओं से नये प्रदेश अध्यक्ष व प्रतिपक्ष के नेता के लिए भी राय मांगी़. विधायकों से भी इस बाबत राय ली गयी़ .नेताओं से पूछा गया कि वह प्रदेश अध्यक्ष व प्रतिपक्ष के नेता के नाम को लेकर सुझाव दें. ज्ञात हो कि प्रदेश अध्यक्ष के लिए गैर आदिवासी और प्रतिपक्ष के नेता के रूप में आदिवासी चेहरे की तलाश संगठन में हो रही है़ .

बाबूलाल मरांडी के पार्टी में शामिल होने का लिया गया फीडबैक
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह और बीएल संतोष ने झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के भाजपा में शामिल होने को लेकर भी नेताओं से फीडबैक लिया. केंद्रीय नेताओं ने पूछा कि श्री मरांडी के भाजपा में शामिल होने से पार्टी को कितना फायदा होगा़ . इस संबंध में विधायकों से भी राय ली गयी. भाजपा के प्रदेश नेताओं का कहना था कि श्री मरांडी के आने से पार्टी मजबूत होगी़.








