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सरयू राय से मिले भाजपा प्रत्याशी दीपक प्रकाश, मांगा समर्थन

झारखण्ड देखो डेस्क / रांची : झारखंड की दो सीटों के लिए 26 मार्च को होने जा रहे राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार दीपक प्रकाश ने निर्दलीय विधायक सरयू राय से समर्थन मांगा है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार दीपक प्रकाश रविवार को सरयू राय से मिलने उनके आवास पहुंचे. दीपक ने श्री राय से राज्यसभा चुनाव में समर्थन मांगा
भाजपा उम्मीदवार के साथ पार्टी के महामंत्री और चतरा से सांसद सुनील कुमार सिंह भी थे. सभी ने भाजपा के पूर्व विधायक और राज्य के खाद्य आपूर्ति एवं संसदीय मामलों के मंत्री रहे सरयू राय से अपील की कि वे दीपक प्रकाश का समर्थन करें, ताकि उनकी जीत सुनिश्चित हो जाये.यंहा बता दे की अप्रैल में झारखंड कोटे की राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं. एक सीट पर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन चुनाव लड़ रहे हैं. उनकी जीत सुनिश्चित है. दूसरी सीट पर सत्तारूढ़ गठबंधन (झामुमो, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल) ने शहजादा अनवर को मैदान में उतार दिया है.
इसलिए दूसरी सीट पर भाजपा के उम्मीदवार दीपक प्रकाश और कांग्रेस प्रत्याशी शहजादा अनवर के बीच मुकाबला होगा. दोनों ही उम्मीदवार एक-एक वोट के जुगाड़ में जुट गये हैं, ताकि वे उच्च सदन में झारखंड का प्रतिनिधित्व कर सकें. हालांकि, दूसरी सीट पर दीपक प्रकाश का पलड़ा भारी दिख रहा है.यही वजह है कि श्री प्रकाश और भाजपा के नेता उन सभी विधायकों से मिल रहे हैं, जो संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) से दूरी बनाकर रखना चाहते हैं. सरयू राय निर्दलीय विधायक हैं. कांग्रेस ने जब शहजादा अनवर को अपना उम्मीदवार घोषित किया, तो सरयू राय ने खुलकर इसकी आलोचना की थी.यंहा बता दे की झारखंड के पूर्व मंत्री और निर्दलीय विधायक श्री राय ने स्पष्ट कहा था कि कांग्रेस सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए अपना प्रत्याशी दे रही है. उसका उम्मीदवार जीतने वाला नहीं है. उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस को अपना उम्मीदवार देना ही नहीं चाहिए था. यह अच्छी परंपरा नहीं है. राज्यसभा में सर्वसम्मति से झारखंड से प्रतिनिधि भेजा जाता, तो अच्छा होता.इधर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और अब राज्यसभा का चुनाव लड़ रहे दीपक प्रकाश ने कहा था कि कांग्रेस ने हॉर्स ट्रेडिंग के लिए अपना उम्मीदवार उतारा है. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस को पता है कि उसके पास अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त विधायकों की संख्या नहीं है, फिर भी उसने उम्मीदवार उतारा है, ताकि झारखंड को बदनाम किया जा सके.यंहा बता दे कि सरयू राय 10 साल तक भाजपा के विधायक रहे. रघुवर दास की सरकार में वह खाद्य आपूर्ति एवं संसदीय मामलों के मंत्री थे. वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने जमशेदपुर पश्चिमी से उन्हें अपना उम्मीदवार नहीं बनाया, तो सरयू राय ने बगावत कर दी और मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ जमशेदपुर पूर्वी से चुनाव लड़ गये.
श्री राय ने पहली बार पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास को बड़े अंतर से पराजित कर दिया. निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने वाले सरयू राय ने चुनाव के समय झामुमो और हेमंत सोरेन का समर्थन किया था.

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