खतियान के चक्कर में भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी कुर्सी गँवा चुकें हैं ?

गोड्डा :झामुमो सुप्रीमो के दिए ब्यान की झारखण्ड में लागू होगा १९३२ का खतियान पर गोड्डा से भाजपा सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने फेसबुक में कहा की झारखंड में ३० प्रतिशत लोग भूमिहीन हैं,जिनके पास ना घर का ना जमीन का खतिहान है ,अभी पिछले साल ही पौडैयाहाट में सरकार २५ आदिवासी का मकान जो सरकारी ज़मीन पर बना था तोड़ चुकी है, गरीब आदिवासियों की सरकार उनको बंगलादेश या पाकिस्तान भेजने की तैयारी कर रही है? इस राज्य का बँटवारा १९०५ में ईस्ट बंगाल व वेस्ट बंगाल के तौर पर,१९१२ में वेस्ट बंगाल व बिहार के तौर पर,१९३६ में बिहार व उड़ीसा के तौर पर व २००० में बिहार व झारखंड के तौर पर हुआ है,कल मान लिया जाए कि छोटानागपुर व संथालपरगना का बँटवारा होता है तो खुद गुरु जी छोटानागपुर राज्य के होंगे या संथालपरगना के छः इसी खतियान के चक्कर में भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी जी कुर्सी गँवा चुकें हैं ।झारखंड हाईकोर्ट ने भी अपने आदेश में इसे असंवैधानिक घोषित किया है । लेकिन यह तो कॉंग्रेस है इसका संविधान से क्या लेना देना?








