श्रीमान तो ठहरे सूबे के मुख्यमंत्री के भाई’’ जिला प्रशासन करे भी तो क्या करे ? -डॉ लुईस मरांडी

दुमका :झारखण्ड सरकार की पूर्व समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी ने एक तस्वीर और प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिजुरिया स्थित आवास पर से एक तस्वीर सामने आई है , जिसमें मुख्यमंत्री के भाई एवं पार्टी के छात्र मोर्चा के अध्यक्ष बसंत सोरेन एक जनसमूह को संबोधित करते नजर आ रहे हैं । उनके साथ पूर्व सांसद प्रतिनिधि एवं अधिवक्ता विजय कुमार सिंह, जिला परिषद् उपाध्यक्ष असीम मंडल एवं काफी संख्या में पहुंचे लोगों एवं बैठक की तैयारी को देखते हुए ऐसा कतई भी नहीं लगता की देश में राज्य में या फिर जिले में लॉक डाउन प्रभावी है। आखिर किस हैसियत से बसंत सोरेन को इस इस प्रकार की बैठक की अनुमति मिली ? जबकि लाॅक डाउन की अवधि में शादी एवं श्राद्य में भी इतने लोगों का एक स्थान पर जमा होना वर्जित किया गया है। आम जनता गलती करे तो उठक बैठक से लेकर सभी तरह की कार्रवाई पर ’’श्रीमान तो ठहरे सूबे के मुख्यमंत्री के भाई’’ जिला प्रशासन करे भी तो क्या करे।दुमका की पूर्व विधायक एवं सूबे की पूर्व मंत्री होने के बावजूद जिले में या क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गतिविधि एवं सहायता कार्य को लेकर मेरे ऊपर प्रतिबंध लगाया गया है । मेरे ही नहीं यूं कहें सत्ताधारी दलों को छोड़ सभी समाजिक संगठनों तक पर रोक है। मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए की लॉक डाउन कि इस अवधि में उनके भाई राँची, से बोकारो, बोकारो से बिना किसी परमिशन के 300 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर दुमका कैसे पहुंचते हैं ? और यदि उन्हें सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त भी हो तो किस विशेष प्रयोजन से उन्हें दुमका आने की अनुमति प्रदान की गई? सरकार उनको दिया गया अनुमति पत्र अगर कोई है तो सार्वजनिक रूप से जारी करे कि उन्हें किस काम के लिये दुमका आने और टेंट लगाकर सभा करने की अनुमति दी गई है? क्या लॉक डाउन सिर्फ गरीबों ,मजबूर ,लाचार लोगों के लिए ,विपक्ष के लोगों के लिए, या फिर राज्य की जनता के लिए ही है? क्या मुख्यमंत्री के परिवारजनों पर यह प्रभावी नहीं ? क्या करोना का संक्रमण से आपका परिवार मुक्त है या फिर बसन्त सोरेन दुमका के लखीकुण्डी को दुसरा हिन्दपीढ़ी बनाने की मंशा लेकर यहां आए .

आखिर अंत में मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए की क्या क्वॉरंटीन एवं होम क्वॉरंटीन शब्द का पालन राज्य की जनता के लिए है, जिला प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि लाल एवं नारंगी जोन से आने वाला व्यक्ति को 14 दिनो के लिए क्वॉरंटीन या होम क्वॉरंटीन किया जाएगा, फिर किस परिस्थिति में 7 मई की मध्य रात्रि को दुमका जिला में प्रवेश करने वाले बसंत सोरेन एवं उनके लाव, लश्कर में शामिल लोगों को क्वॉरंटीन या होम क्वॉरंटीन नहीं किया गया।बसंत सोरेन कि इस बैठक के बाद यदि दुमका मैं कोरोना के संक्रमण में एवं इसके मरीजों की संख्या में इजाफा होता है तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी ? हैं।
मुख्यमंत्री से आग्रह है कि लाॅक डाउन तोड़ने की जो सजा आम जनमानस के लिए प्रावधानित है बसंत सोरेन को भी दिलाने का कष्ट करें। पूर्व मंत्री ने कहा झामुमो पार्टी प्रवक्ता/ नेता कहते हैं कि डायलेसिस सेंटर बसंत जी के प्रयास से लौटा तो किनके द्वारा इस विपदा की घड़ी में इसे देवघर भेजा गया था इसे भी झामुमो को साफ करना चाहिए।
लॉक डाउन में झामुमो ने दुमका में किया बैठक ,भाजपा ने सोशल मीडिया में जारी किया तस्वीर








