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सरकार श्रमिकों के हित एवं कल्याण के लिए संवेदनशील है- हेमंत सोरेन


सरकार ने हवाई चप्पल पहने वाले मजदूरों को भी हवाई जहाज से लाने का कार्य किया है- सत्यानंद भोक्ता

दुमका :मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा लेह एवं लद्दाख ले जा रही श्रमिकों के एक विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखा कर विदा किया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन श्रमिकों को संबोधन करते हुए कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है। इस राज्य से बड़े पैमाने पर श्रमिक भाई कठिन एवं दुर्गम क्षेत्र में कार्य करने जा रहे है। देश एवं देश की सीमा को बहुमूल्य योगदान देने जा रहे हैं। पहले भी मजदूर कार्य करने जाते लेकिन इसका कोई अकड़ा नहीं होता था कि मजदूर किस क्षेत्र में कार्य करने जा रहे हैं। लेह लद्दाख में मजदूर जहां जा रहे हैं वहां सामान्य जीवन व्यतीत करना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे जगहों पर हमारे मजदूर हमेशा से कार्य करते आ रहे हैं।
पूरे देश में कोरोना संक्रमण फैला है इस संक्रमण के दौरान पता चला कि हमारे राज्य से इतने बड़े पैमाने में मजदूर दूसरे राज्यों में रोजगार की तलाश में जाते थे। झारखंड, बिहार, बंगाल एवं यूपी जैसे इलाको के किसी भी सरकार को यह मालूम नहीं था कि कितनी बड़ी संख्या में उनके लोग रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं।
यही इस देश की खूबसूरती है कि अलग अलग राज्यों के लोग दूसरी जगहों पर जाकर के देश के विकास में अपना योगदान देते हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान लोगों का जो पलायन शुरू हुआ मुझे लगता है कि देश की आजादी के बाद ऐसा पलायन कभी नहीं हुआ। कोरोना महामारी के दौरान मजदूरों को बहुत कठिनाई हुई। मजदूरों के प्रति हमें संवेदना प्रकट करनी चाहिए। झारखंड देश का पहला राज्य है जो अपने लोगों को बुलाने के लिए भारत सरकार से अनुमति ली और अपने लोगों को घर बुलाया। दूर दराज में फंसे प्रवासी मजदूरों को भी लाने का कार्य हवाई जहाज से किया गया। दूर दराज फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए राज्य में कंट्रोल रूम बनाया गया ताकि लोग वहां संपर्क कर अपने बारे में जानकारी दें और उन्हें घर लाया जा सके। कंट्रोल रूम में लोग 24×7 कार्यरत थे और आज भी हैं। जो कोरोना संक्रमण के दौरान होने वाली समस्याओं को सुनते हैं एवं उनके लिए विधिसम्मत कार्रवाई करते हैं। विभिन्न प्रांतों में फंसे मजदूरों को लाने के लिए नोडल ऑफिसर भी बनाए गए जो बाहर के मजदूरों को लाने का एवं यहां फंसे मजदूरों को भेजने का कार्य करते हैं।
लेह एवं लद्दाख जा रहे श्रमिकों के प्रति हम संवेदनशील हैं। और सरकार उनके हित के लिए कार्य करेगी। बिचौलिया मजदूरों के हको को मार लेते थे। इन बिचौलियों के गैंग को जड़ से उखाड़ फेकने का कार्य सरकार कर रही है।
मैं भी मजदूर,किसान का बेटा हूँ आने वाले समय में कोई भी मजदूर एवं किसान का शोषण नहीं होगा। देश के हित में राज्य ने पहला कदम बढ़ाया है।आप भी मजदूरों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें। श्रमिक भी एक सिपाही की तरह हैं। जो अपने खून पसीने से सीमावर्ती इलाकों में अपना योगदान देते है। अब श्रमिक निर्भीक होकर बाहर काम करें क्योंकि सरकार उनके लिए कार्य कर रही है। कोरोना में भी लोगों को राशन आदि पहुंचाने में झारखंड सरकार अव्वल नंबर पर रही है। आज राज्य एक शांत माहौल के साथ खुद को मजबूत करने में लगा हुआ है। रोजगार के रूप से देखा जाए तो भी राज्य बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के साथ मिलकर मजदूरों को रोजगार देने का कार्य कर रही है। यहां के मजदूर काम करने जाएं तो सम्मानजनक तरीके से जाएं और सम्मानजनक तरीके से वापस आए। राज्य के साथ-साथ देश के विकास में भी हम अपनी भूमिका निभाए।

इस दौरान श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि कोरोना संक्रमण में झारखंड सरकार ने बाहर फंसे प्रवासी मजदूरों को लाने का कार्य जो कार्य किया वह बिल्कुल सराहनीय है। ट्रेन एवं हवाई जहाज के माध्यम से मजदूरों को लाने का सिलसिला जारी रहा।उन्होंने कहा कि जो भी मजदूर रोजगार के लिए जाना चाहते हैं वह अपना निबंधन अवश्य कराएं। जो भी आपका मानदेय होगा वह आपके खाते में दिया जाएगा। बीच में कोई बिचौलिया नहीं होगा तो कोई ठग नहीं होगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर व्यक्ति को रोजगार मिले और क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई जहाज के माध्यम से अपने घर पहुंचाने का कार्य किया है राज्य सरकार जो कहती है वह करती है।आज पूरा देश की जनता सरकार द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा कर रही है।

इस दौरान शिकारीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक नलिन सोरेन ने कहा कि आज बहुत खुशी का दिन है कि हमारे मजदूर पूरे सम्मानजनक रूप से लेह लद्दाख काम करने जा रहे हैं। सरकार ने यह बहुत अच्छा निर्णय लिया है कि मजदूरों का रजिस्ट्रेशन श्रम विभाग द्वारा करा कर लेह लद्दाख काम के लिए भेजा जाए। लेह लद्दाख जाने वाले श्रमिक भईयों को मैं शुभकामनाएं देता हूं कि वह वहां जाए और अपने कार्य को अच्छे तरीके से करें और देश के विकास में अपना योगदान दें।

एडीजी अनिल कुमार ने कहा कि सीमा रोड संगठन सड़क निर्माण का कार्य करता है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां सड़क निर्माण में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सड़क निर्माण राज्य,देश एवं किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। देश की सुरक्षा में भी सड़क निर्माण अहम भूमिका निभाती है। झारखंड के श्रमिकों का सीमा सड़क संगठन में एक बहुत बड़ा योगदान है। सीमा रोड संगठन हमेशा झारखंड के श्रमिकों के कार्यों की प्रशंसा की है। यहां के श्रमिक सीमा रोड संगठन के साथ हमेशा कंधा से कंधा मिलाकर चलते हैं।

संथाल परगना से 1600 से अधिक श्रमिकों को लेह लद्दाख के लिए रवाना किया गया। एवं दुमका जिला से 1329 लोगों को भेजा गया।

इस दौरान श्रम विभाग के प्रतिनिधि एवं बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधि के बीच मुख्यमंत्री एवं श्रम मंत्री की उपस्थिति में टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस हस्ताक्षर किए गए।
कार्यक्रम स्थल पर पारंपरिक रीति-रिवाज माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं सभी अतिथियों का स्वागत किया गया।
इस दौरान प्रधान सचिव अरुण कुमार एक्का सहित जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित थे।

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