
दुमका :अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मनीष यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्राइवेट स्कूलों में महंगी शिक्षा व्यवस्था फीस किताब-कॉपी व ड्रेस में कमीशनखोरी के विरोध में अनेकों बार प्रदर्शन हुए हैं। पूर्व में भी में भी शिक्षा विभाग एवं सरकार से आग्रह किया गया था लेकिन आज इस कोरोना जैसे महामरी के समय जहां पूरा देश लॉकडाउन पालन का पालन कर रहा है, वही दुमका में कुछ निजी संस्थानों के द्वारा बच्चों के न्यू एडमिशन के नाम पर मोटी- मोटी रकम वसूला जा रहा है। अभाविप कार्यालय में कुछ बच्चे के अभिभावको ने कहा इस लॉकडाउन के समय स्कूल प्रबंधन के द्वारा कहा जा रहा है की अपने बच्चों का एडमिशन करे . अगर हम कुछ बोलते हैं तो नाम हटा लेने को बोला जाता है। अगर हम अपने बच्चों को दूसरे स्कूल में लेकर जाते हैं तो फिर वही खर्च होगा .जिसके लिए हम सक्षम नहीं है। जब सरकार के द्वारा आदेश दिया गया है तीन महीने तक फ़ी नहीं लेना है तो यह बिना आदेश के ऐसा कैसे कर सकतें है .जब बच्चे आपके स्कूल में पहले से पढ़ाई कर रहे हैं तो यह न्यू एडमिशन कैसा ? इस मामले में जब स्कूल प्रबंधन से बात करने की कोशिश की तो संपर्क नहीं हो सका .यंहा बता दे की फीस के साथ ही अब स्कूल से कॉपी-किताब भी दिया जाता है। डील वाले दुकानों से ही ड्रेस लेने की बाध्यता कर दी जाती है। कमीशनखोरी में शहर के अच्छे स्कूल प्रबंधन भी शामिल हैं। लेकिन इस पर कोई कार्यवाही अभी तक हुई नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष निजी स्कूलों में फीस में वृद्धि कर दी जाती है। जिससे अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का अहित बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निजी स्कूल संचालकों ने यदि अपना रवैया नहीं बदला तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ऐसे स्कूल संचालकों का विरोध करेगी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय का घेराव के साथ साथ आंदोलन भी करेगी .
प्राइवेट स्कूल में न्यू एडमिशन के नाम पर वसूल रहे है मोटी रकम -मनीष यादव








