Home / News / सिदो कान्हू मुर्मू विवि में घंटी आधारित रिक्त पड़े प्राध्यापकों की नियुक्ति में आखिर क्यों हो रही है देरी ,कुलपति पर लग रहा है भ्रष्टाचार के आरोप 

सिदो कान्हू मुर्मू विवि में घंटी आधारित रिक्त पड़े प्राध्यापकों की नियुक्ति में आखिर क्यों हो रही है देरी ,कुलपति पर लग रहा है भ्रष्टाचार के आरोप 

दुमका : उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की ओर से सिदो-कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर निर्देश दिया था कि रिक्त पड़े प्राध्यापकों के पदों को घंटी आधारित पर 100 दिनों के अंदर नियुक्ति कर लेना है। इसके बाद विवि प्रशासन ने 15 फरवरी 2019 तक समक्ष अभ्यर्थियों से आवेदन मांगा था। लेकिन एक वर्ष के बाद भी अभी तक नियुक्ति पूरी नहीं कि गयी है। कुलपति के डर से नाम नहीं छापने के शर्त पर विवि के कई पदाधिकारियों एवं प्राध्यापकों ने कहा की  विवि प्रशासन अपने निजी एवं सगे संबंधियों को लाभ पहुंचाने के लिये नियुक्ति में जानबुझकर बिलंब किया जा रहा है एवं कई को गलत ढंग से लाभ भी पहुंचाया गया है। आरक्षण रोस्टर में भी गड़बड़ी की गई है यदि सरकार की और एक उच्चस्तरीय समिति गठन कर जांच करवाये तो कई चौंकाने वाले बातें सामने आयेगी। आखिर ऐसी क्या बात है कि विवि प्रशासन की ओर से सरकार के पत्र का माखौल उड़ा रही है। यंहा बता दे की इसके पूर्व भी विवि प्रशासन ऐसा कर चुकी है. विवि पर भ्रष्टाचार के कई आरोप भी लग चुके है। जैसे बीएड सत्र 2018-20 में नामांकन घोटाला, एक कंपनी से बराबर सांठ-गांठ कर विवि सहित कई काॅलेजों में बेंच-डेस्क सहित कई सामग्रियों की खरीद , कुलपति प्रो मनोरजन प्रसाद सिन्हा ने अपनी निजी आवास रांची में 6 गार्डो को रखा गया था, जिसें विवि के पदाधिकारियों के प्रबल विरोध के बाद उसे हटाया गया। अभी हाल ही में परीक्षा विभाग की ओर से कई करोड़ की सामग्रियों का खरीद के लिये निविदा जारी किया गया था। जिसमें विवि के वरीय पदाधिकारी के सगे – संबंधी ने भी निविदा डाली थी। उसे काम का आंवटन नहीं करने पर साथी पदाधिकारियों पर भड़क गये एवं उनके साथ दुव्र्यवहार भी किया गया था। अब प्राध्यापकों की नियुक्ति में भी देर कर सरकार के नियम का भी धजिया उड़ा रहे है .

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