
(झारखण्ड देखो /प्रतिनिधि)
रांची: झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार की कैबिनेट का दूसरा विस्तार शुक्रवार को हुआ। राजभवन के बिरसा मंडप में झारखंड मुक्ति मोर्चा के दिवंगत नेता पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के बेटे हफीजल हसन अंसारी को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने मंत्री पद की शपथ दिलाई। हफीजुल ने उर्दू में शपथ ली। सरकार में हफीजुल को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ही जिम्मेदारी दी जा सकती है।झारखंड में 15 साल के बाद ऐसा हो रहा है जब बिना विधायक बने हफीजुल हसन मंत्री बन रहे हैं। इससे पहले 2006 में मधु कोड़ा सरकार में भानु प्रताप शाही के पिता हेमेंद्र प्रताप देहाती को बिना चुनाव लड़े ही मंत्री बनाया गया था। 29 दिसंबर 2019 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ कांग्रेस के दो और राजद के एक मंत्री ने शपथ ली थी। इसके बाद 28 जनवरी 2020 को पहला मंत्रिमंडल विस्तार हुआ था। इसमें झामुमो
के 5 और कांग्रेस के 2 मंत्रियों ने शपथ ली थी। शपथ ग्रहण समारोह में झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत झारखंड सरकार मंत्रिमंडल के सभी मंत्री शामिल हुए। इस दौरान मधुपुर से बड़ी संख्या में आए मधुपुर झामुमो के कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। शपथ से पहले हफीजुल ने शिबू सोरेन और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया था। मधुपुर सीट से झामुमो के विधायक और तत्कालीन अल्पसंख्यक मंत्री हाजी हुसैन अंसारी का पिछले साल तीन अक्टूबर को निधन हो गया था। इसके बाद से ही मधुपुर विधानसभा सीट खाली है। अप्रैल तक मधुपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। इस सीट को लेकर राजद की ओर से मांग उठने लगी थी। हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद झामुमो हाईकमान ने उनके परिवार को मधुपुर से टिकट देने का भरोसा दिया था। अब हफीजुल हसन को मंत्री बनाकर यह संकेत भी दे दिया है कि मधुपुर से झामुमो की टिकट पर हफीजुल हसन ही चुनाव लड़ेंगे। इससे उन्हें यह फायदा होगा कि वह मंत्री के रूप में चुनाव लड़ेंगे।

हफीज उल हसन बने झारखण्ड के हेमंत सरकार में मंत्री,राज्यपाल ने दिलाई गोपनीयता की शपथ, मंत्री के रूप में लड़ेंगे मधुपुर का उप चुनाव








