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क्षणिकाएं

१. वो
स्व निर्मित व्यवस्था को,
औरों से बढ़िया,
सबके पसंदीदा बता रहे है;
हर झूठे ,चोर, बेईमान को,
ईमां से अपना,
सच्चा दोस्त बता रहे है।

२. वो
औरों की नजरों में
मजबूत इरादे दर्शाते है;
पर,
हकीकत में,
औरों के इशारे पर,
नाचते नजर आते हैं।

३. वो
खुद को स्मार्ट,
उतना ही श्रेष्ठ बताते है,
इतना अधिक इतराते है;
पर हकीकत में,
निष्पक्ष रूप से,
निःस्वर्थ भाव से,
कोई एक काम
बढ़िया कर नहीं दिखाते है।


डॉ विनोद कुमार शर्मा
असिस्टेंट प्रोफेसर
निदेशक
मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र,
स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग
सिकामु विवि, दुमका।

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