दुमका (झारखंड): संताल परगना ने सामाजिक बदलाव और समरसता की दिशा में इतिहास रच दिया। दुमका के आउटडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह में 351 जोड़े विवाह सूत्र में बंधे। वर्षों से साथ रह रहे इन जोड़ों को समाज में सम्मान और पहचान दिलाने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया।

कार्यक्रम संथाल सरना एवं ईसाई परंपराओं के अनुसार संपन्न हुआ। सांसद नलिन सोरेन ने दीप प्रज्वलन कर समारोह का उद्घाटन किया। इस पहल को जिला परिषद अध्यक्ष जायस बेसरा के सहयोग से संभव बनाया गया। मौके पर दुमका विधायक बसंत सोरेन, जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
शिकारीपाड़ा, काठीकुंड और रामगढ़ प्रखंडों से आए जोड़ों ने परंपरागत रीति‑रिवाजों के साथ विवाह संस्कार पूरे किए। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सभी नवविवाहितों को आर्थिक सहायता और गृहस्थी का सामान प्रदान किया गया। आयोजकों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य सामाजिक पहचान, सम्मान और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है।
यह सामूहिक विवाह समारोह संताल परगना में सामाजिक सुधार और एकता की मिसाल बनकर सामने आया।
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