एरोफार्म्स (AeroFarms) एक अमरीकी कम्पनी है जो न्यू जर्सी स्थित अपने फार्मों में हरी सब्जियों और औषधीय पौधों का उत्पादन करती है बिना मिटटी, कीटनाशक और सूर्य की रौशनी के। है ना यह हैरत की बात। फसलों को सीधी खड़ी ट्रे या ताक़ पर रखा जाता है जिस पर LED की रौशनी दी जाती है और हर ट्रे की फ़सल के विकास दर की निगरानी के लिए सेंसर लगे होते है। एरोफार्म्स की ये खेतें 69 हज़ार वर्ग फीट के इलाके में फैला है जो नेवार्क, न्यू जर्सी में है। यह कम्पनी 250 तरह की हरी सब्जियां और औषधीय पौधों उगाती है इन कृत्रिम खेतों में जो 30 फीट ऊँची सीधी खड़ी ट्रे के रूप में लगायी गयी है।
एरोफार्म्स फ़सल उत्पादन में क्षेत्र में एक नयी ऊंचाई को छूने वाली है। जल्द ही इनकी उत्पादन क्षमता 2 लाख पौण्ड होने वाली है और यह दुनिया की सबसे बड़ी सीधी खड़ी कृत्रिम खेत बन जाएगी। एरोफार्म्स के सीईओ और संस्थापक डेविड रोसेनबर्ग का कहना है –
बड़े शहरों की भूख भी बड़ी है। हमारे पास बढ़ती आबादी और तेज़ शहरीकरण की समस्याएँ है जिसके लिए हमे ऐसे उपायों की आवश्कता है जो हमारी मांग को पूरा कर सके और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील हो। सीधी खड़ी फार्म्स (Vertical Farms) इनकी अनेक समाधानों में से एक है।
इन कृत्रिम खेतों में कोई कीटनाशक रसायनों का उपयोग नहीं किया जाता है क्योंकि यहाँ फ़सल को शुरू से ही बाहरी संक्रमणों से बचाया जाता है। खेतो में जाने वाले किसान और कर्मी रबर के दस्ताने पहनते है और अपने सर तथा शरीर को पूरी तरह से ढके रहते है। किसी को भी अंदर जाने से पहले हाथो को धोना पड़ता है, सर को एक जाली से ढकना पड़ता है और एक ख़ास गद्दे पर जूतों को पोंछना पड़ता है।
फ़सल का उत्पादन की शुरुआत बीजो को एक ट्रे पर बो कर होती है जो प्लाटिक बोतलों को पुर्नचक्रण (recycle) कर बनाये गये कपड़े से ढके होते है। इस तरह के कपड़े की एक चादर को बनाने में 24 प्लास्टिक पानी के बोतलों का इस्तेमाल होता है। इन ट्रे को LED लाइट्स के नीचे रखा जाता है जो पौधों को सूर्य की रौशनी का एहसास करते है। हर प्रकार की फ़सल के लिए LED लाइट्स की तीब्रता और स्पेक्ट्रम को बदला जाता है। ताज़ी ऑक्सीजन देने के लिए लम्बी खड़ी कतारों के बीच छोटे पंखे लगे है। एक निश्चित अंतराल में ट्रे पर पोषक भी डाला जाता है।
इस तरह एरोफार्म्स 95% कम पानी और 50% कम उर्वरक का उपयोग कर पारंपरिक फ़सलें उगा रही है। फसलों को शुरू से ही कीटों और संक्रमणों से बचाया जाता है, इसलिए कोई कीटनाशक का इस्तेमाल नहीं होता है। और इन फसलों की कीमत पारंपरिक खेतों में पैदा किये गये फसलों के बराबर होती है।
यह विडियो देखे –
MIT और हारवर्ड जैसे संस्थानों के बैज्ञानिक यहाँ की फसलों और उत्पादन पद्धतियों पर शोध करते है और किसानों को और उनकी उत्पादन पद्धति को बेहतर बनाने में मदद करते है।










