निकाय चुनाव में राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा होगी दांव पर
दुमका।
झारखण्ड की उपराजधानी में ठण्ड होने के बावजूद भी दुमका का माहौल काफी गर्म है। क्योंकि निकाय चुनाव होने को है। वो भी दलीय रूप से ? जबसे इसकी घोषणा मुख्यमंत्री ने किया है तब से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का नींद के साथ- साथ होश भी उड़ गया है। जो लोग किसी पार्टी में है वो अपनी टिकट की दावेदारी के लिए लगे हुए है। जो पार्टी में नहीं है और जीत का ख्वाहिश रखते है वो कशमकश में है की किस पार्टी से चुनाव लड़े। कुछ लोग ऐसे भी है ? जो समझते हैं कि कोई भी पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ लेंगे। कुछ तो ऐसे उम्मीदवार भी उभर रहे हैं तो कुछ निर्दलीय चुनाव लड़ने को तैयार बैठे हैं लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर कौन होगा नगर परिषद अध्यक्ष ? जो कि सस्पेंस बना हुआ है। तो बात शुरू करते हैं भारतीय जनता पार्टी से
प्रधानमंत्री का जादू कई जगहों पर चला पर कई जगहों पर नहीं चल पाया क्या झारखण्ड के उपराजधानी दुमका में मोदी मैजिक काम आएगा? भाजपा से कई कार्यकर्त्ता है जो टिकट लेने के लिए तरह -तरह के हथकंडे अपना रहे हैं यहां बता दें कि दुमका में बीजेपी कई गुटों में बट गया है और सभी गुट अपने -अपने नेताओं को टिकट दिलाने के लिए लगे हुए हैं ,पर अभी तक बीजेपी गंभीर नहीं दिख रही है की पार्टी किसको टिकट देगी। यह मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष तय करेंगे।
इसी क्रम में बात करते हैं झारखंड सरकार में विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं झारखंड मुक्ति मोर्चा की जो निकाय चुनाव में इसी पार्टी के एक कार्यकर्ता की पत्नी द्वारा पूर्व में दो बार चुनाव लड़ा गया पर दोनों बार करारा हार हुई । पर इस बार देखना है कि झामुमो किस कार्यकर्ता को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारती हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार झामुमो की तैयारी इस बार जबरदस्त है।
वंही कांग्रेस भी अपना प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे जो कि अभी दिख नहीं रहा है की कांग्रेस से निकाय चुनाव के लिए अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का उम्मीदवार कौन होगा। इसकी तलाश चल रही है ? अब बात करते है झारखंड विकास मोर्चा की जो कि निकाय चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाली हैं पार्टी के सुप्रीमो ने घोषणा किया कि बीजेपी को निकाय चुनाव में हराने के लिए तैयार बैठे हैं ।अभी तक झाविमो ने घोषणा नहीं किया है कि निकाय चुनाव में अध्यक्ष -उपाध्यक्ष का उम्मीदवार कौन होगा। इधर आजसू एवं लोजपा ने भी बैठक कर निकाय चुनाव में प्रत्याशी उतारने का एलान किया है। बात करे ज़िला प्रशासन की तो प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है । दुमका में 21 वार्डों में चुनाव होगा वार्डो में दलीय चुनाव नहीं होगा। वही बासकीनाथ नगर पंचायत के 12 वार्डो में जंग होगी।
यहां बता दें कि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि अध्यक्ष -उपाध्यक्ष के पद पर दलगत चुनाव होंगे। ऐसे में राजनीतिक दलो की प्रतिष्ठा भी दाव पर होगी। नगर निकाय का चुनाव है 2019 के लोकसभा व विधानसभा चुनाव के लिए जमीन तैयार करना। राजधानी रांची के बाद उपराजधानी दुमका चुनावी जंग का हमेशा ही केंद्र बिंदु रहा है । चाहे सत्तारूढ़ भाजपा हो या प्रमुख विपक्षी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा, झारखंड विकास मोर्चा हो या कांग्रेस,या अन्य दल संथाल परगना के इस प्रमंडलीय मुख्यालय को ध्यान में रखकर क्षेत्र में चुनावी शतरंज का खेल तैयार करती है।
बीजेपी की नजर वर्तमान नगर परिषद अध्यक्षा पर …
इस निकाय चुनाव का खास बात यह है की अभी बीजेपी की नजर वर्त्तमान नगर परिषद अध्यक्षा पर है जो लगातार 2 टर्म से अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान हैं। क्या बीजेपी वर्त्तमान अध्यक्षा को टिकट देकर दाव खलेगी?क्या वर्त्तमान अध्यक्षा आगे भी इस कुर्सी को बरकरार रख पाएंगे ? यह वर्त्तमान अध्यक्षा के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। यंहा बता दे की अध्यक्षा कांग्रेस से तालुक रखती है। पर लोगो का कहना है की अध्यक्षा बीजेपी में सक्रिय रूप से सहयोग कर रही है। जिसके कारण कांग्रेस से दूर हो गई है। इधर वर्त्तमान अध्यक्ष भी बीजेपी से चुनाव लड़ने को लेकर काफी जद्दोजहद कर रही है। अगर अध्यक्षा को टिकट नहीं मिला तो यह निर्दलीय भी चुनाव लड़ सकती है। उस समय निकाय चुनाव और भी जबरदस्त होगा । पर अब देखना है की दुमका की जनता किसे अपना बहुमुल्य वोट दे कर नगर परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाती है।








