Home / News / राज्य महिला आयोग ने लगाया दो दिवसीय कानुनी जागरूकता कार्यशाला 

राज्य महिला आयोग ने लगाया दो दिवसीय कानुनी जागरूकता कार्यशाला 

दुमका। इन्डोर स्टेडियम दुमका में झारखण्ड राज्य महिला आयोग के द्वारा कानुनी जागरूकता से संबंधित दो दिवसीय कार्यषाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए समाज कल्याण मंत्री डाॅ0 लुईस मरांडी ने कहा कि दुमका जैसे जगह के लिए महिला आयोग द्वारा इस तरह का आयोजन वास्तव में यहां की महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि संताल परगना में जनजातीय समाज की बहुलता है और इस समाज में कानूनी जागरूकता बहुत कम है। महिला आयोग द्वारा इस तरह के कार्यक्रम का आयोेजन यहां के महिलाओं के लिए लाभकारी होगा। महिला आयोग महिला सषक्तिकरण के लिए कार्य करता रहा है। महिला आयोग से संबंधित मामलों पर विषेष रूप से संवेदनषील होने की जरूरत होती है क्योंकि इसमें परिवार से जुड़े मामले अधीक देखने को मिलते हैं। इन मामलों पर जांच के समय सावधानी बरतने की भी जरूरत होती है ताकि निर्दोष को सजा ना हो जाय। उन्होंने कहा कि महिलाओं को संविधान द्वारा कई शक्तियाँ प्रदान की गई हैं लेकिन इन शक्तियों का दुरूपयोग ना किया जाय। महिलायें सषक्त और संवेदनषील बने। उन्होंने कहा कि महिलायें अगर थाना में षिकायत लेकर आये तो उनके साथ सहजता के साथ पेष आयें। उनके दर्द को समझने का प्रयास करें। न्याय दिलाने पर विष्वास करें।

उन्होंने कहा कि हमारी बेटियों की स्मीता बनी रहे इसपर हम सभी को ध्यान रखने की जरूरत है। महिला आयोग महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए बनाया गया है। उन्होने कहा कि सरकार महिलाओं को सम्मान से जीने के लिए कई योजनायें चला रही है। इन योजनाओं का महिलायें अवष्य लाभ लें अपने हक के बारे में जाने। उन्होंने कहा कि अम्बेडकर आवास योजना, पेंषन योजना विधवा बहनों के लिए सरकार चला रही है। तेजस्वनी योजना के माध्यम से महिला को सषक्त एवं आत्म निर्भर बनाने का प्रयास सरकार द्वारा किया जा रहा है। समाज के दुःख और कष्ट को खत्म करने के लिए हमें कार्य करने की जरूरत है। हम सभी अपने जिम्मेवारी और कर्तव्यों का निर्वहण ईमानदारी पूर्वक कर इस समस्या को खत्म कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री  रघुवर दास भी महिलाओं को सषक्त करने के लिए गम्भीर हैं।
झारखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कल्यानी शरण ने कहा कि यह कार्यषाला महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही इस क्षेत्र की महिलायें जो आयोग तक नहीं पहुंचपाती है उन समस्याओं को दूर करने के लिए यह आयोजन किया गया है। महिला आयोग आपके समस्याओं को दूर करने के लिए आपके द्वार पर आयी है। ओपन कोर्ट के माध्यम से भी समस्या का समाधान किया जायेगा। पूरे राज्य में महिला आयोग द्वारा इस तरह के कार्यक्रम को आयोजन किया जा रहा है। महिलाओं को उनका अधिकार बताना आवष्यक है। जबतक उन्हें उनके अधिकार के बारे में जनकारी नहीं होगी तबतक एक बेहतर समाज का निर्माण नहीं हो सकता। राज्य सरकार महिला सषक्तिकरण के लिए गम्भीर है। सरकर महिला के दुःख और दर्द को भलीभांति समझती है और इसे दूर करने के लिए सरकार द्वारा कई योजनायें भी चलाई जा रही है। सखी मंडल द्वारा लाखों महिलाओं को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। कौषल विकास प्रदान कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जोहार योजना के तहत सरकार महिला सषक्तिकरण का कार्य कर रही है। राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है तथा महिलाओं को सम्मान दिलाने के प्रति गम्भीर है।

इस अवसर पर पुलिस उपमहानिरीक्षक अखिलेष झा ने कहा कि महिलायें हमारे समाज का अहम हिस्सा है। महिलाओं के बिना समाज की कल्पना करना मुष्किल है। उन्होने कहा कि महिलायें अपने हक को जाने तथा जागरूकर बनें। आपको अपनी ताकत पहचानने की जरूरत है। किसी भी तरह की समस्या या परेषानी हो तो इसकी सूचना तुरंत थाने में दर्ज करायें। थाने में उपस्थित लोग निष्चित रूप से संवेदनषील होकर आपसे पेष आयेंगे। उन्होंने कहा कि आपकी रक्षा के लिए कई धारायें बनायी गई है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मातृत्व योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को समाज कल्याण मंत्री  द्वारा सम्मानित किया गया।  इस अवसर पर राज्य महिला आयोग के सदस्य पुनम प्रकाष, शर्मिला सोरेन, आरती राणा, जिला परिषद अध्यक्ष जोयेस बेसरा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती, अमिता रक्षित तथा बड़ी तादाद में महिलायें उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *