
दुमका : झारखण्ड की उपराजधानी दुमका के रानीश्वर प्रखंड के सादीपुर में सिदो-कान्हू पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा संचालित सिदो-कान्हू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को राज्य सरकार से एनओसी मिल गई। अभी परीक्षा के लिए सिदो-कान्हू विवि से और मान्यता के लिए नेशनल मेडिकल काउंसिल से अनुमति मिलना बाकी है। दोनों जगह से अनुमति मिलने के बाद अगले साल से कॉलेज में एमबीबीएस की 50 सीट पर पढ़ाई शुरू हो जाएगी। पीपीपी मोड़ पर चलनेवाले इस कॉलेज को एनओसी मिलते ही राज्य सरकार ने दस करोड़ रुपया दे दिया है।
कॉलेज के निदेशक आरएस राय ने बताया कि एनओसी के लिए काफी संघर्ष किया। पहले से ही सादीपुर में उनका पारा मेडिकल कॉलेज चल रहा है। पांच साल के दौरान 300 से अधिक छात्र-छात्राओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। पहले भी पहरूडीह में कालेल खोलने का प्रयास किया गया था लेकिन जमीन के अभाव में ऐसा नहीं हो सका। मेडिकल कॉलेज के लिए पौने दो सौ बीघा जमीन है। पारा मेडिकल के परिसर में ही मेडिकल कॉलेज चलेगा। सरकार के साथ मिलकर काम किया जाएगा। बताया कि पहले चरण में एनओसी मिली है। अभी एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए सिदो-कान्हू विवि से संबंधन लेना होगा। मान्यता के लिए एनएमसी को प्रस्ताव भेजा जाएगा। एनएमसी की टीम स्थल निरीक्षण करने के बाद मान्यता प्रदान कर देगी। सरकार भी अपने स्तर से प्रयासरत है। बताया कि पहले एमबीबीएस की 50 सीट पर पढ़ाई होगी। इसमें नीट सफल होनेवालों को ही लिया जाएगा। कॉलेज प्रबंधन 25 छात्रों को और राज्य सरकार अपने स्तर से 25 छात्र देगी। कॉलेज के सलाहकार डॉ. बसंत पंचानन ने कहा कि सरकार ने महसूस किया कि यहां पर एक और मेडिकल कॉलेज की जरूरत है। इसलिए एनओसी दी है। यह दुमका जिले के लिए गर्व की बात है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य अभी राष्ट्र में काफी पीछे हैं। पहले से पारा मेडिकल कॉलेज में तीन सौ बेड के साथ 15 कोर्स की पढ़ाई चल रही है। इसी कॉलेज के कैंपस में ही मेडिकल कॉलेज चलेगा। संसाधन व शिक्षकों की नियुक्त के लिए ही प्रथम चरण में सरकार ने दस करोड़ रुपया दिया है। मानदेय मिलने पर अनुदान के तहत दस करोड़ और मिलेगा। मौके पर सिदो-कान्हू पब्लिक ट्रस्ट की सचिव मीरा चौधरी, राजशेखर, श्याम ठाकुर, संदीप राजगड़िया एवं विनोद कुमार मौजूद थे।








