फसल काटने को लेकर हुई थी मारपीट
दुमका: उपराजधानी दुमका के सरैयाहाट में जमीन विवाद में धान काटने को लेकर हुए विवाद में मारपीट और हत्या के एक मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, चतुर्थ देवाशीष महापात्रा के न्यायालय ने 23 अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा शनिवार को मुकर्रर किया। अदालत ने भादवी की धारा 302/149 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा और प्रत्येक को एक-एक हजार रूपये जुर्माना लगाया। जुर्माना की रकम अदा नहीं करने के स्थिति में एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने भादवी की धारा 307/149 के तहत दोषी करार देते हुए सात साल की सजा एवं 500 रूपए जुर्माना किया। जुर्माना की रकम अदा नहीं करने के स्थिति में एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मामला जिले के सरैयाहाट प्रखंड के हंसडीहा ओपी थाना क्षेत्र की है। जहां बीते वर्ष 18 नवंबर 2010 को थाना क्षेत्र के 16 बीघा विवादित जमीन में धान काटने को लेकर हंसडीहा थाना क्षेत्र के बलवारा गांव में दो पक्षों में मारपीट हुई। घटना में घायल एक पक्ष के सत्यनारायण कुवंर की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मामले में दोनों तरफ से मारपीट का मामला दर्ज हुआ। एक पक्ष से दिलिप कुवंर और दूसरे पक्ष से वंशराज राउत ने मामला दर्ज करवाया। सरैयाहाट व हंसडीहा पुलिस मामले में कांड संख्या 1412/10 के तहत भादवी की धारा 302/149, 307/149, 324/147, 379, 504 के तहत मामला दर्ज दर्ज किया था। सेशन केस 207/11 के तहत वाद चल रहा था। मामले में कुल 15 गवाहों की गवाही हुई। मामले में दोनों तरफ से 24-14 वादी बनाये गये थे। जिसमें एक पक्ष से दो की मौत एवं एक पक्ष से एक की मौत हो चुकी है। केस की पैरवी एपीपी अबध बिहारी सिंह व इंस्पेक्टर अमृत सिंह केस की पैरवी कर रहे थे। बचाव पक्ष से बहस राजीव नयन कर रहे थे। यहां बता दें कि मामले में न्यायालय ने एक पक्ष को मारपीट के मामले में दोषी करार देते हुए बीते 27 नवंबर को सभी 22 को तीन-तीन साल की सजा सुनायी थी।
आठ महिला और 15 पुरूष समेत 23 दोषी करार
सजा पाने वालों में दिलीप कुवंर के पक्ष से पवन चौधरी, अनचीन ईश्वर उर्फ अनचीन राउत, दिपक राउत, नंदलाल राउत, शिवचरण, ठाकुर देव, अनिरूद्ध, सुदर्शन, वंशराज, कार्टून, पशुराम, अंग्रेजी राउत, अविनाश, भगलु एवं नकलू राउत शामिल है। महिलाओं में कोति देवी, दुलारी देवी, कामली देवी, जुली देवी, रीता देवी, कारी देवी, फुलवती देवी एवं कल्याणी देवी शामिल है।
जमीन विवाद को लेकर हत्या के मामले में 23 को आजीवन कारावास की सजा








