नई दिल्ली /रांची : झारखण्ड में मंत्री पद को लेकर कांग्रेस और झामुमो का पेच अब तक बरकरार है. कांग्रेस अब भी पांच मंत्री पद को लेकर अड़ गयी है. झामुमो कांग्रेस को मंत्रिमंडल में सिर्फ चार सीट ही देना चाह रहा है. इसके पीछे चार विधायक पर एक मंत्री का फॉर्मूला बताया जा रहा है. इस खींचतान के बीच गुरुवार शाम अचानक झारखंड की राजनीति दिल्ली शिफ्ट हो गयी.
बदलते घटनाक्रम के बीच झाविमो के विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की गुरुवार शाम नयी दिल्ली पहुंचे.

इधर जब झारखण्ड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राजभवन में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर रहे थे, ठीक उसी समय कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह नयी दिल्ली में प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी मिल रहे थे.
इससे पहले दोनों नेताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल से भी मुलाकात की. झारखंड के राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि एक-दो दिन में प्रदीप और बंधु कांग्रेस में शामिल भी हो सकते हैं. यह भी कहा जा रहा है कि इनमें एक विधायक को कांग्रेस कोटे से मंत्रिमंडल में शामिल भी किया जा सकता है. शपथ ग्रहण टलने की सबसे बड़ी वजह यही बतायी जा रही है. अब देखना है की आगे क्या होता है .
दिल्ली में सोनिया गांधी से मिले बंधु तिर्की और प्रदीप यादव








