दुमका :झारखण्ड की उपराजधानी दुमका में स्थित वी टू मॉल के प्रबंधक कृष्ण नाथ दास ने शुक्रवार की देर शाम पर्स चुराने के आरोप में छह बच्चों को शारीरिक रूप से परेशान किया है । प्रबंधक ने सभी बच्चों को मुर्गा बनवाया और सभी से आधा घंटा से ज्यादा देर तक उठक -बैठक कराई। जिसके बाद सभी को छोड़ दिया। घर पहुंचने के बाद एक बच्चे ने इसकी सूचना परिजनों को दी। जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ और बच्चों के परिजन मॉल पहुंचकर प्रबंधक से बात की। जिसके बाद इसकी शिकायत बाल कल्याण समिति के समक्ष की है । मामले में सूचना मिलने पर नगर थाना की पुलिस ने भी मॉल पहुंचकर जांच की। अब तक किसी पक्ष की ओर से मामले में लिखित शिकायत नहीं की गई है।
यंहा बता दे की घटना को लेकर एक बच्चे के परिजन ने बताया कि सरस्वती पूजा के बाद शुक्रवार की देर शाम छह बच्चे घुमने के इरादे से मॉल पहुंच गए। इसी बीच एक बच्चे ने खाली पर्स को जेब में डाल लिया। उसकी हरकत सीसीटीवी में कैद हो गई और सुरक्षा कर्मी ने उसे पकड़ लिया। सभी बच्चों को प्रबंधक के सामने पेश किया। बच्चों ने उनके सामने चोरी की बात स्वीकार की और गलती की माफी मांगी। इसके बावजूद प्रबंधक ने बच्चों से कान पकड़कर बैठक लगवायी। मुर्गा भी बनाया। जिस कारण बच्चों के पैरों की नस में दर्द होने लगा तो उसने सभी को छोड़ दिया। यंहा बता दे की
प्रबंधक ने बच्चों से परिवार के सदस्यों का मोबाइल नंबर मांगा लेकिन डर के कारण किसी ने नंबर नहीं दिया। घर आने के बाद एक बच्चे ने अपने बड़े भाई को सारी बात बताई। जिसके बाद बच्चों के परिजन राजेश कुमार, राजकुमार, गनेश भगत व सितेश साह को सारी जानकारी दी। इसके बाद सभी लोग बात करने के लिए प्रबंधक के पास गए। लेकिन प्रबंधक अपनी गलती मानने के लिए तैयार नहीं हुआ।
प्रबंधक को स्वयं सजा देने का अधिकार नहीं है- मनोज कुमार साह
इधर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार साह ने कहा की परिजनों की ओर से मौखिक शिकायत की गई है। उनसे लिखित आवेदन मांगा गया है। आवेदन के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रबंधक को स्वयं सजा देने का अधिकार नहीं है। यह बच्चों के साथ ज्यादती है।








