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राजकीय जनजातीय हिजला मेला का परंपरागत तरीके से किया गया उद्घाटन

समय से पहले किया गया मेला का उद्धघाटन

दुमका :राजकीय जनजातीय हिजला मेला के सफल आयोजन में जनसहयोग की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस मेले को जनजातीय समुदाय 130 वर्षो से हर्षोल्लास के साथ मना रही है। यहां के स्थानीय लोगों ने मेले को राजकीय स्तर तक पहुंचाने का कार्य किया है। जनजातीय समुदाय को एक अच्छा अवसर मिला है। अपनी संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का। हिजला मेला यहां की संस्कृति की परिचायक है। यह मेला यहां की संस्कृति यहां की आत्मा को संजोए रखने का कार्य कर रही है। उक्त बातें उपायुक्त राजेश्वरी बी ने हिजला मेला के उद्घाटन के दौरान बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने कहा कि जिस परिकल्पना के साथ 1890 में इस मेले की शुरुआत की गई थी उसे आज तक बरकरार रखा गया है। यह मेला आदिवासी जीवन शैली यहां की संस्कृति को प्रस्तुत करता है। यहां की संस्कृति को मंच प्रदान करने का कार्य यह मेला करता है।

उन्होंने कहा कि मेले के सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई है। सुरक्षा के मानकों को ध्यान रखा गया है। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि विभिन्न विभागों के द्वारा स्टॉल लगाए गए हैं आप सभी स्टाॅल पर पहुँचकर सरकार की योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें तथा इसका लाभ लें। कई खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन भी मेला के दौरान किया गया है। आप सभी इस प्रतियोगिता में भाग लें। साफ सफाई का मेला क्षेत्र में ध्यान रखें। गंदगी न फैलाएं। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों पर जिला प्रशासन की नजर रहेगी। इस मेले की अपनी एक गरिमा है, अपनी एक पहचान है। इसे धूमिल करने का कार्य न करें।

इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष जोयेस बेसरा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि संताल परगना वीरों की धरती हैै। उन्होंने कहा कि हिजला मेला यहां की संस्कृति को संजो के रखने का कार्य करती है। हिजला मेला की गरिमा को बनाये रखने में सभी का योगदान महत्वपूर्ण है।इस अवसर पर अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी अपनी बात कही।हिजला ग्राम प्रधान सुनीराम हांसदा ने परांपरिक रुप से नारियल फोड़कर एवं फीता काटकर मेला का विधिवत उद्घाटन किया। इसके उपरांत उपायुक्त राजेश्वरी बी ने कृषि, सूचना जनसम्पर्क विभाग,कृषि आदि विभागों के द्वारा लगाये गये प्रदर्शनी शिविर का फीता काटकर उद्घाटन किया।इससे पूर्व विद्यालय, महाविद्यालय के छात्र छात्राओं, कलाकारों के द्वारा मूकबधिर स्कूल से हिजला परिसर तक हर्षोल्लास के साथ पैदल यात्रा निकाला गया। इस अवसर पर अतिथियों को पारंपरिक पगड़ी एवं पौधा देकर स्वागत किया गया। विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार सहित जिला प्रशासन के वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे । यंहा बता दे की मेला का उद्धघाटन का समय जिला प्रशासन
के द्वारा दोपहर दो बजे का था पर समय से पहले ही मेला का उद्घाटन कर दिया गया .ये मेला सात से १४ फ़रवरी तक चलेगा .

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