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किसानों को उन्नत बनाना सबसे बड़ी चुनौती है-बादल


दुमका :आत्मा सभागार में कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख के कर कमलों द्वारा किसानों के बीच परिसंपत्ति वितरित कार्यक्रम का आयोजन किया गया।किसानों को संबोधित करते हुए मंत्री बादल ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश होने के नाते किसानों को उन्नत बनाना सबसे बड़ी चुनौती है। यदि हमारे किसान मजबूत होंगे तो हमारा देश,समाज एवं राज्य खुद-ब-खुद मजबूत हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जब से मैंने जिम्मेदारियों को संभाला है। चीजों को पहले समझने का प्रयास कर रहा हूं। समीक्षा कर रहा हूँ ,ताकि एक बेहतर झारखंड के निर्माण में अपना योगदान दे सकूं। उन्होंने किसानों से कहा कि आप मेहनत कीजिए। अगर खेतों में पानी, उन्नत बीज एवं यंत्र आदि की आवश्यकता है तो सरकार यह सभी सुविधाएं आपको देगी। पूरे जिले में आज जिस तरह से 3180 किसानों को विभिन्न विभागों द्वारा परिसंपत्ति वितरण किया जा रहा है। इस तरह से आने वाले दिनों में अधिक से अधिक किसान खेती से जुड़कर देश के विकास में अपना योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि हमारे विभाग में जो भी रिक्तियां हैं। उन्हें भरे जाएंगे। अपना इंस्टास्ट्रक्चर मजबूर करके ही हम किसानों को बेहतर परिणाम दे सकते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि राज्य में दुमका जिला को आगे ले जाने में आप सहयोग करें। हमारे झारखंड राज्य के सभी जिले किसी न किसी सब्जियां या अनाज के लिए मशहूर होना चाहिए। इसी भूमि पर पलाश, लाह की खेती से अपनी आय को दोगुनी कर सकते हैं। जरूरत है अपनी सोच को बदलने की। और जब तक सोच नहीं बदलेगा जबतक नए तकनीको का उपयोग नहीं करेंगे। उन्नत तकनीक का उपयोग कर कम भूमि में अधिक उत्पादन करें। नए-नए तकनीक का उपयोग कर पैदावार को बढ़ाए। सीमित भूमि में उत्पादकता बढ़ाना आज की जरूरत है। उन्होंने किसानों से कहा कि तकनीक से संबंधित जानकारी प्राप्त करें तथा खेती में इसका लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर काम करना होगा। समय की अहमियत को समझते हुए दायित्वों का निर्वहन करें। इससे भगवान बिरसा, चांद-भैरो, फूलो झानो, महात्मा गांधी, अम्बेडकर जी के विचारों को गति मिलेगी। हम मजबूत होंगे और मान सम्मान बढ़ेगा। आनेवाले दिनों में हम सब मिलकर नए झारखंड का निर्माण करेंगे।

नए-नए तकनीक का उपयोग कर पैदावार को बढ़ाए

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त शेखर जमुआर ने कहा कि पूर्व में भी परिसंपत्ति कार्यक्रम का आयोजन कर 900 से अधिक पंप सेट का वितरण किसानों के बीच किया गया है। उन्होंने किसानों से कहा कि नई-नई तकनीकों का उपयोग खेती करने के लिए करें ताकि आय में वृद्धि हो सके सरकार की पूरी टीम आपको आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए कार्य कर रही है। देश की आजादी से ही विकास का कार्य चल रहा है। विभिन्न विभागों द्वारा योजना बनाकर विकास के कार्यों में अपना योगदान दे रहे हैं। 60 हजार से अधिक महिलाएं जेएसएलपीएस ग्रुप से जुड़ कर कार्य कर रही हैं। विकास का मतलब सिर्फ सड़क या विद्यालय बना देना नहीं होता, बल्कि बच्चे स्कूल जाते हैं या नहीं। उनका भविष्य उज्ज्वल हो रहा है कि नहीं। यह बहुत मायने रखता है। कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी बहुत फास्ट हो गया है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा दी जा रही जानकारियों को उन्नत कृषि के लिए तथा आय वृद्धि के लिए इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। आप आर्थिक रूप से सशक्त हो। आपके बच्चों का भविष्य बेहतर हो।आपके जीवन स्तर में सुधार आए यही सरकार की सोच है। जागरूक होकर सरकार की योजनाओं का लाभ लें। जब तक आप जागरूक नहीं होंगे,तब तक सरकार की योजनाएं सफल नहीं हो सकती है।कार्यक्रम में भूमि संरक्षण विभाग द्वारा 90% अनुदान पर 284 लाभुकों के बीच पंप सेट का वितरण किया गया।
कृषि विभाग द्वारा बाजार समिति दुमका में पंजीकृत किसानों को स्मार्ट मोबाइल क्रय हेतु 25 किसानों को 2000 रु प्रति किसान के खाते में डीबीटी के माध्यम से राशि का हस्तांतरण किया गया। स्वायल हेल्थ कार्ड योजनान्तर्गत लाभान्वित 5 किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड वितरण किया गया। आत्मा दुमका द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना अंतर्गत लाभान्वित 5 कृषकों को 50% अनुदान पर पंप सेट का वितरण किया गया। मत्स्य विभाग द्वारा रियरिंग तालाब निर्माण हेतु चयनित पांच लाभुकों को स्वीकृत राशि का प्रति किसान 3.5 लाख की दर से राशि का हस्तांतरण किया गया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त शेखर जमुआर, आयुक्त सचिव के बिनय कुमार सिंकू, जिला कृषि पदाधिकारी सुरेंद्र सिंह, परियोजना निदेशक आत्मा देवेश कुमार सिंह तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

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