
दुमका: यूजीसी की ओर से 2018 में यह अधिसूचना जारी कर दिया गया है कि जिस विश्वविद्यालय को नैक की ओर से ‘‘सी‘‘ ग्रेड दी जाती है। वैसे विवि पीएचडी में नामांकन के लिये लिखित परीक्षा आयोजित नहीं कर सकता है। इसके बावजूद सिदो-कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय प्रशासन ने यूजीसी के नियम के विरूद्व जाकर 27 जनवरी 2019 को पीएचडी नामांकन के लिये अभ्यर्थियों से लिखित परीक्षा ले लिया है। जिसका रिजल्ट 16 अप्रैल 2019 को दिया गया। जबकि विवि को नैक की ओर से दो नंवबर 2018 को सी ग्रेड (1.61 अंक) प्राप्त हुआ है। नियम कहता है की यदि कोई भी इसकी शिकायत यूजीसी के वेबसाइट में कर दे तो संभावना है कि यह परीक्षा रद्द हो जायेगी एवं इसके लिए विवि प्रशासन को स्पष्टीकरण भी पूछा जा सकता है। सी ग्रेड की विवि सिर्फ वैसे अभ्यर्थियों को पीएचडी में नामांकन ले सकता है जो नेट, जेआरएफ आदि पास किया हो।
यंहा बता दे की ग्रेड के अनुसार यूजीसी ने विवि को तीन भागों में बांटा है. प्रथम श्रेणी के विवि में ऐसे विवि जो नैक की ओर से 3.51 अथवा इससे अधिक अंको द्वारा प्रत्यायित किया गया हो.
– यूजीसी द्वारा सूचीबद्व प्रतिष्ठित प्रत्यायित एजेंसी द्वारा समान प्रत्यायन ग्रेड/अंक प्राप्त किया हो।
– ऐसे विवि को टाइम्स हाइयर एजूकेशन अथवा क्यू एस की प्रतिष्ठित विश्व रैंकिंग में अधिकतम 500 में से रैंक दिया गया हो।
द्वितीय श्रेणी के विवि में ऐसे विवि को नैक की ओर से 3.26 तथा 3.50 तक के अंक प्रत्यायित हो।
– इसे यूजीसी की ओर से सूचीबद्व प्रतिष्ठित प्रत्यायित एजेंसी द्वारा समान प्रत्यायन ग्रेड/अंक प्राप्त किया हो।
तृतीय श्रेणी के विवि में ऐसे सभी विवि जो श्रेणी तीन में आएगा जो श्रेणी एक या दो में नही आता हो।








