चार माह बीत जाने के बाद भी नहीं हुई डीएसडब्लू की गिरफ्तारी

दुमका :झारखण्ड के देवघर अंतर्गत कुंडा निवासी डॉ राजेश कुमार दास ने दुमका डीआईजी एवं एसपी को आवेदन देकर कहा की मेरे द्वारा 6/01/2020 को एससी /एसटी थाना,दुमका मे गौरव गंगोपाध्याय तत्कालीन डीएसडब्लू सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय,दुमका के विरुद्ध आवेदन दिया गया था जिस पर 7/01/2020 को एफआइआर कांड संख्या 1/2020 दर्ज कर लिया गया ,लेकिन आज चार माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक गौरव गंगोपाध्याय पर कोई कार्रवाई नहीं हुई,साथ ही मुझे विवि के तत्कालीन कुलपति डॉ मनोरंजन प्रसाद सिन्हा,तत्कालीन डीएसडब्लू गौरव गंगोपाध्याय एवं डॉ पशुपति कुमार राय,डिन,सामाजिक विज्ञान,सिदो कान्हू मुर्मू विवि दुमका की और से सारा मामला वापस लेने के लिए भारी दवाब बनाया जा रहा है की अगर मैंने इनके विरुद्ध दिये गए मामला वापस नहीं लिया तो मुझे जान से मार दिया जाएगा और मेरी एम.ए और पीएचडी की डिग्री को भी रद्द कर मेरा भविष्य बर्बाद कर दिया जाएगा। डॉ पशुपति कुमार राय ने मुझे धमकाया की क्यू इतने बड़े लोगो से उलझते हो कुलपति और डीएसडब्लू बहुत पैरवी पहुच वाले लोग है एक झटका मे तुम्हारा सफाया कर दिया जाएगा,बड़ा दलित उत्पीड़न का केस कर दिये तो उड़ने लगे ऐसा ऐसा कितना केस आता है और हवा हो जाता है,कोई हमलोग का कोई कुछ बिगड़ नहीं सकता। इस बाबत राष्ट्रिय अनुसूचित जाति आयोग,नई दिल्ली मे भी मामला चल रहा है जिसका फाइल न /2/2020/ एपीसीआर है। राजेश ने आवेदन में कहा की इन लोगो से मिल रही धमकियो से मै और मेरा परिवार काफी भयभीत और डरा हुआ .अतः आपसे विनम्र प्रार्थना करता हु की इन उपरोक्त व्यक्तियों पर विधि सम्मत कार्रवाई कर मुझ पीड़ित दलित व्यक्ति की जान माल की रक्षा करे। यंहा बता दे की राजेश ने इसकी शिकायत की प्रतिलिपि झारखण्ड के मुख्यमंत्री , राज्यपाल ,झारखंड मुख्य सचिव , प्रधान सचिव, डॉ योगेंद्र पासवान ,सदस्य , राष्ट्रिय अनुसूचित जाति आयोग नई दिल्ली ,ब्रज किशोर राम, अखिल भारतीय एससी /एसटी /ओबीसी काउंसिल रांची , राष्ट्रपति सचिवालय , प्रधानमंत्री कार्यालय एवं लोक शिकायत विभाग दिल्ली को भेजा है .








