
मधुपुर /दुमका:अधिवक्ता कुमार प्रभात ने प्रेस को बताया की मधुपुर मे इन दिनो भू माफिया एवं प्रशासनिक पदाधिकारियो के अवैध गठजोड़ द्वारा जमीन का अवैध हस्तांतरण कर लाखो के वारे न्यारे किये जा रहे है। भू माफिया इतने बेखौफ है कि वे किसी की भी जमीन के फर्जी कागजात बना कर उसको रजिष्ट्ररी करवा कर बेच देते है। ऐसा करने मे राजनीतिक दल से जुडे हुए लोग, मधुपुर अंचल कार्यालय एवं मधुपुर के अवर निबंधक के कार्यालय की भी संलिपत्ता है। हांलिया मामला मधुपुर के पथलचपटी मौजा से जुडा हुआ है। जिसमे जमीन मालिक के बिना जानकारी के फर्जी व्यक्ति को मालिक बनाकर जमीन का रजिष्ट्ररी करवाने का मामला प्रकाश मे आया है।

यहां बता दे कि पथलचपटी मौजा नंबर 271 मे दाग नंबर 1135, 1136 एवं 1137 जो बसौडी जमीन है वर्तमान मे प्रेमा राय एवं रेणु राय के नाम से पंजी दो मे दर्ज है। उक्त जमीन को वर्ष 1990 मे निबंधित केवाला संख्या 2612 के द्वारा सैयद नजीरुल हसन पिता मौलवी अब्दुल कुदुस एवं मोस्मात आमना खातुन पति मौलवी अब्दुल कुदुस से खरीदा गया था। यहां बता दे कि इससे पूर्व उक्त जमीन को मौलवी अब्दुल कुदुस पिता मौलवी अली हसन ने वर्ष 1937 मे निबंधित केवाला के द्वारा खरीदा था। तब से मौलवी अब्दुल कुदुस के वंशज उक्त जमीन के दखल मे थे, उसके बाद वर्ष 1990 उनके द्वारा जमीन बेचे जाने के उपरांत से यह जमीन वर्तमान मे प्रेमा राय वगैरह के र्निविवाद दखल मे है। उक्त जमीन पर वर्ष 1990 मे ही चाहरदिवारी भी दी गई है। यहां बताना जरुरी है कि वर्ष 1937 से लेकर अबतक इस जमीन पर निवंधित केवाला लेने वालो का शांतिपूर्ण दखल रहा। लेकिन विगत कुछ माह से उक्त जमीन पर जमीन माफियाओ की सरगर्मी बढ गई। स्थानीय लोगो द्वारा इसकी जानकारी दिये जाने पर इसकी शिकायत संताल परगना के तत्कालिन डीआईजी राजकुमार लकडा से की गई। डीआईजी ने कागजातो के अवलोकन के उपरांत मधुपुर के थानाप्रभारी को मामले कारवाई करने का आदेश दिया गया। जिसके बाद पुलिस ने जमीन माफियाओ को उक्त जमीन पर जाने और उनकी किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर रोक लगा दी। इधर कुछ दिन पूर्व स्थानीय लोगो से जानकारी मिलने पर कि कुछ लोग उक्त जमीन पर उगी झाडी को कटवाकर साफ सुथरा करवा रहे है, इसकी शिकायत कुमार प्रभात जो कि दुमका मे अधिवक्ता एवं पत्रकार भी है और प्रेमा राय के पुत्र है ने टेलाफोन से मधुपुर के थाना प्रभारी से की। जिसपर थाना प्रभारी द्वारा आवेदन देने की बात कही गई। इसपर रेणु राय के पति उमेश चंद्र राय जो मधुपुर मे वरिष्ठ अधिवक्ता है ने मधुपुर थाने मे शिकायत आवेदन भू माफियाओ के खिलाफ दिया, जिसके उपरांत पुलिस ने जमीन पर गये लोेगो जमीन पर से भगा दिया। थानाप्रभारी द्वारा इस मामले मे जांच का जिम्मा एएसआई एसबी राय को दे दिया। शनिवार को जांच अधिकारी द्वारा दोनो पक्षो को थाने मे अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था। लेकिन भू माफिया लोग वहां उपस्थित नही हुए। तब जांच अधिकारी द्वारा उनके द्वारा समर्पित कागजात दिखाते हुए बताया गया कि मधुपुर के सुमेर चित्र मुदिर के समीप रहने वाले दामोदर मिश्रा ने अपनी पत्नी सुनीता देवी के नाम से उक्त जमीन को मधुपुर के डंगालपाडा के रहने वाले किसी गुलाब चन्द मेहतर से 11 दिसंबर 2019 को निबंधित केवाला द्वारा खरीद लिया है। गुलाब चन्द मेहतर केवाला मे खुद को 1932 के खतियानी रैयत विजय मेहतर का वंशज और छोटा दासो हाडी का पुत्र बताया है। जबकि 1937 के केबाला मे विजय मेहतर ने साफ कहा है कि उसका कोई आल औलाद नही है, जिसके कारण वह उक्त जमीन को बेच रहा है। अब अचानक रैयत के वंशज 2019 मे कहा से पैदा हो गये। वही जब प्रेमा राय एवं रेणु राय के नाम से म्यूटेशन है तो उसी प्लाट का म्यूटेशन सीओ ने छोटा दासो हाडी के नाम पर किस आधार पर कर दिया गया। वही मधुपुर सीओ के द्वारा उक्त प्लाट से संबंधित प्रमाण पत्र कैसे जारी कर दिया, जबकि रजिस्टर टू मे प्रेमा राय एवं रेणु राय का नाम दर्ज है। इस पूरे प्रकरण मे मधुपुर अंचल कार्यालय एवं सब रजिस्टार कार्यालय भूमिका संदिग्ध है और उनकी मिलीभगत कॆ बिना संभव नही है.








