दुमका। अभियंता एवं संवेदक के डिजायन और निर्माण के द्वारा सड़क को सुरक्षित बना सकते हैं। इनकी प्रतिबद्धता और तत्परता सड़क सुरक्षा में बहुत अह्म है। यह बात पथ निर्माण विभाग के सचिव एम आर मीणा के सम्बोधन में कही। उनका सम्बोधन पथ निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मदन कुमार ने कार्यशाला में पढ़ कर सुनाया। दुमका के उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने कहा कि समाज के साझे प्रयास से सड़कों पर दुर्घटना को रोका जा सकता है। सरकार और समाज मिलकर प्रयास करे। सड़कों पर साइनेज लगाया जाना और लोगों को जागरूक करना अत्यन्त आवष्यक है। अध्यक्षीय सम्बोधन अभियंता प्रमुख रास बिहारी सिंह ने दिया जिसमें उन्होंने विस्तार से सड़क सुरक्षा पर आधारित सरकार की योजनाओं से सबको अवगत कराया। दुमका के एसडीएम जीषान कमर ने जीवन को महत्वपूर्ण बताते हुए ट्रैफिक को पूरी तरह से लागू कराये जाने पर बल दिया। उप निदेशक जनसम्पर्क अजय नाथ झा ने कहा कि ट्रैफिक नियमों को मानना अपमान नहीं है। सड़क का उपयोग करने वाले ग्रामीणों तथा नगरीय नागरिकों सबको जागरूक किये जाने की जरूरत है। इस अवसर पर सिविल सर्जन ने कहा कि दुर्घटना होने पर मानवता का परिचय दें तथा घायल को अस्पताल पहुंचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। जिला शिक्षा पदाधिकारी धर्मदेव राय ने कहा कि प्राथमिक एवं उच्च विद्यालयों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस के डर से नहीं अपनी सुरक्षा के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन करें। कार्यषाला के द्वितीय सत्र में सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ पाॅलडिजनी ने सड़क निर्माण के विभिन्न चरणों में सड़क सुरक्षा आॅडिट की आवष्यकता पर प्रकाश डाला। एडीबी प्रोजेक्ट के टीम लीडर काजिमीर्ज ने सड़क के किनारे सुविधाओं के विकास की महत्व को विस्तार से बताया। एडीबी के दूसरे टीम लीडर तथा सड़क सुरक्षा विषेषज्ञ मौरिजियो पाउलुकि ने सड़कों के ब्लैक स्पाॅट की पहचान करने और उसे किस प्रकार दूर किया जाय इसपर प्रकाश डाला। कार्यशाला में अन्य अभियंताओं एवं संवेदकों द्वारा भी खुले सत्र में विचार विमर्ष किया गया। कार्यशाला में गोल्डेन आवर ट्राॅमा सेन्टर के महत्व पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में स्वागत सम्बोधन एवं विषय प्रवेश एडीबी के उप निदेषक नर्मदेश्वर सहाय ने किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेष परिवहन विभाग के सीनियर एआरटीओ संजय नाथ झा द्वारा सड़क सुरक्षा पर बनायी गई लघु फिल्म का प्रदर्षन किया गया। कार्यशाला का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन उप निदेशक जनसम्पर्क अजय नाथ झा ने किया। इस कार्यशाला में संथाल परगना प्रमंडल के सड़क निर्माण से जुड़े सभी अभियंता एवं संवेदक के साथ समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रोनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सुरक्षित सड़कों के निर्माण में अभियंता और संवेदक की भूमिका अहम् – एम.आर.मीणा








