दुमका (झारखण्ड):उपराजधानी दुमका के सर्किट हाउस में पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए पुराने दिनों खासकर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया।बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वर्ष 1998 में भाजपा गठबंधन की सरकार बनी औऱ इसके ठीक एक साल बाद 1999 में सरकार सदन पर अलग झारखंड का बिल लेकर आयी। हालांकि उस दौरान सरकार गिर गई और चुनाव के बाद एक बार फिर से अटल विहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राजग की सरकार बनी। इसके बाद एक बार फिर से अलग झारखंड को लेकर कवायद शुरू हो गई। उन्होंने भी अन्य नेताओं के साथ प्रधानमंत्री से मुलाकात की तो उन्होंने कहा कि जल्द ही अलग राज्य बनेगा।
श्री मरांडी ने कहा कि 1999 में ही बिल आया। पहली बार वनांचल
को लेकर बिल आया था। हालांकि जदयू तो सरकार के साथ थी, लेकिन राजद सहित अन्य ने इसका विरोध किया। बाद में सभी विरोधों के बीच समय गुजरता रहा और अंततः बिल पास हुआ औऱ झारखंड अलग राज्य बन गया।बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद वे मुख्यमंत्री बने। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी ने अपना कमिटमेंट पूरा किया। इसके बाद विकास की गाड़ी चल पड़ी। जिस वक्त झारखंड अलग हुआ था पुलिस के पास गाड़ियां नहीं थी, थानों में पुलिस बल नहीं थे। धीरे-धीरे स्थिति में सुधार हआ। इसके साथ ही बाबूलाल ने कई अन्य घटनाओं औऱ पुरानी यादों को पत्रकारों से साझा किया।मोके पर भाजपा सरकार में रही पूर्व मंत्री डॉ लुईस मरांडी ,पार्टी के उपाध्यक्ष बिनोद शर्मा ,जिलाध्यक्ष निवास मंडल एवं पिंटू अग्रवाल मौजूद थे .
भारी विरोध के बावजूद भाजपा ने अलग झारखंड के सपने को किया साकार-बाबूलाल मरांडी









