दुमका।
झारखंड राज्य बाल आयोग के सदस्य डाॅ मनोज कुमार व भूपन साहू ने शुक्रवार को दुमका के आॅफटर केयर होम,सम्प्रेक्षण गृर्ही, मूकबधिर स्कूल,ने़त्रहीन आवसीय विद्यालय, मध्य विद्यालय हिजला,उत्क्रमित विद्यालय डंगालपाड़ा एवं प्राथमिक विद्यालय धतिक बोना आदि विद्यालयों का निरीक्षण किया। मौके पर सदस्यों ने कहा की सभी विद्यालयों में बच्चों को मेन्यू के अनुसार खाना नही दिया जाता है। जो काफी दुःख की बात है। सभी स्कूलों में ये सिर्फ कागजो पर ही चलता है। इसकी शिकायत मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री को करेगे। सदस्य डाॅ मनोज ने कहा की दुमका के डीईओ धर्मदेव राय व डीएसई अरूण कुमार पर कड़ी कारवाई करने के लिए अनुसंशा कर सरकार व मुख्य सचिव को लिखित शिकायत करेगें। सदस्य ने कहा की हमलोगो का स्कूल निरीक्षण करने की सूचना उपायुक्त के माध्यम से इन लोगो को दी गई है। पर ये लोग निरीक्षण में कोई सहयोग नही किया ओर न ही इनका कोई प्रतिनिधि हमलोगो से संपर्क किया। मोके पर डीसीपीओ प्रकाश चंद्रा,समाज कल्याण पदाधिकारी मनीषा तिर्की,सदस्य सिकन्दर मंडल आदि मौजूद थे। सदस्य भूपन ने कहा की सम्प्रेक्षण गृर्ही में 53 बच्चो में सिर्फ 16 बच्चे उपस्थित थे। वंही नेत्रहीन आवसीय विद्यालय में 50 में 24 बच्चे ही उपस्थित थे। वंही आफटर केयर होम में 4 बच्चे मिले। मध्य विद्यालय हिजला में बच्चों को बैगर दाल के ही खाना खिलाया जा रहा था। वंही जब उत्क्रमित विद्यालय डंगालपाड़ा निरीक्षण करने पहुचे तो पाया गया की 482 बच्चों 195 बच्चे की उपस्थित दर्ज थी विद्यालय के रजिस्टर में। सभी बच्चों को 1 बजे ही छुटटी दे दी गई थी। एवं प्राथमिक विद्यालय धतिक बोना जब जांच के लिए पहुंचे तो पाया की 45 बच्चे में 15 बच्चे ही उपस्थित थे। सदस्यों ने कहा की सभी विद्यालय नियम का उल्लंघन कर रहे है। इसकी रिपोर्ट सरकार को करेगे।
बाल संरक्षण आयोग के सदस्यों ने किया कई स्कूलो का निरीक्षण, डीईओ व डीएसई पर होगी कारवाई








