
दुमका : झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा दुमका में आयोजित 2 फरवरी की रैली में पार्टी सुप्रीमों व राज्य सभा सांसद शिबु सोरेन ने कहा कि एक लंबे समय से हम अपनी पार्टी की स्थापना दिवस मनाते रहे हैं, हम रहें या नहीं रहें, हम दुमका और धनबाद की ऐसी रैलियों में आते रहेंगे।झारखंड मुक्ति मोर्चा अपनी पार्टी की 43 वाँ स्थापना दिवस 2 फरवरी को दुमका के गांधी मैदान में मनाया।जिसमें शिबु सोरेन के अलावा मुख्य आकर्षण का केंद्र झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन थे।पिछले 43 वर्षों से हर साल 2 फरवरी को दुमका में होने वाली यह रैली अपने रात्रि आयोजन के रूप में जानी जाती रही है, जबकि कोरोना की वजह से पार्टी को पिछले दो वर्षों से इस रैली को दिन में ही अयोजित करनी पड़ रही है। पार्टी सुप्रीमो शिबु सोरेन ने कोरोना महामारी का हवाला देते हुए कहा कि वैसे तो कोई भीड़ भाड़ का आयोजन नहीं किया जाना चाहिए। किन्तु यदि इस महामारी को ईश्वर ने लाया है तो इसे वही समाप्त भी करेगा।शिबु सोरेन जो अपने समर्थकों के बीच गुरुजी के रूप में प्रसिद्ध हैं, ने इस रैली के आयोजन के वर्षों को गिनते हुए कहा कि 40 और 3 तेंतालीस साल से हम इसे आयोजित करते आ रहे हैं, जो बच्चे थे वे जवान हो गए, जो जवान थे वे अब बूढ़े हो गए और हम जैसे बुजुर्ग अब मौत की कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम नहीं भी रहे तब भी हम 2 फरवरी को दुमका और 4 फरवरी को धनबाद की रैलियों में आते रहेंगे।उन्होंने कहा कि झारखंड को बिहार से अलग करने के लिए हमने एक लंबी लड़ाई लड़ी फिर भी झारखंड का विकास होना बाकी है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की पिछली सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि जब यहां भाजपा की सरकार थी तब उसने बहुत सारे उलट पलट वाले काम किए, जिसे हमारी सरकार को एक नए सिरे से सुधारनी पड़ रही है।रैली में जब सरकारी नौकरियों में नियोजन सम्बंधित बातें उठाई गई तब मुख्यमंत्री ने इसके लिए भाजपा की सरकार को जिम्मेदार बताया। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि नियोजन संबंधित कार्य सरकार शीघ्र ही पूरे कर लेगी। रैली को शिकारीपाड़ा झामुमो विधायक नलिन सोरेन, जामा विधायक सीता सोरेन और दुमका विधायक बसंत सोरेन आदि ने भी संबोधित किया। मंच संचालन केंद्रीय महासचिव विजय कुमार सिंह ने किया। मौके पर केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ,विनोद पांडे ,जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा सहित कई झामुमो नेता मौजूद थे।

झामुमो ने मनाया उपराजधानी दुमका में 43 वाँ स्थापना दिवस








